निरीक्षण के दौरान सहजता ने जीता दिल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, अधिकारी की ‘सादगी’ की हो रही जमकर तारीफ़
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। सरकारी कामकाज की औपचारिकताओं से परे, बालोद जिले की कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने अपनी सहजता और ममतामयी अंदाज़ से सबका दिल जीत लिया है। डौंडी ब्लॉक के ग्राम गुदुम स्थित प्राथमिक शाला में रूटीन निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने न सिर्फ स्कूल में पढ़ाई, साफ़-सफ़ाई और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जाँच की, बल्कि रुककर कुछ छात्राओं की चोटी में खुद अपने हाथों से रिबन भी बाँधा। अधिकारी के इस अपनेपन और सादगी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जहाँ उनकी जमकर तारीफ़ की जा रही है और इसे सरकारी तंत्र में मानवीय स्पर्श का बेहतरीन उदाहरण बताया जा रहा है।
इंस्पेक्शन के बीच दिखी ‘माँ’ की छवि
कलेक्टर दिव्या मिश्रा गुदुम गाँव के प्राथमिक शाला में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुँची थीं। उन्होंने बच्चों की कक्षाओं में जाकर उनकी पढ़ाई का स्तर परखा, स्कूल परिसर की साफ़-सफ़ाई का निरीक्षण किया और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को भी जांचा।निरीक्षण के दौरान जब उनकी नज़र कुछ छात्राओं पर पड़ी, जिनकी चोटी में रिबन या तो ठीक से नहीं बंधा था या नहीं था, तो उन्होंने तुरंत अपनी सहजता का परिचय दिया। उन्होंने खुद झुककर इन नन्ही छात्राओं की चोटी को करीने से बाँधा और रिबन लगाकर उन्हें संवारा।
सोशल मीडिया पर ‘अपनेपन’ की लहर
कलेक्टर दिव्या मिश्रा के इस भावुक और निजी पल का वीडियो तेज़ी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रहा है। यूज़र्स उनकी इस सहजता, सादगी और बच्चों के प्रति दिखाए गए अपनत्व की जमकर सराहना कर रहे हैं। यह घटना दर्शाती है कि अधिकारी केवल नियमों और फाइलों तक ही सीमित नहीं होते, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भी भरे होते हैं। कलेक्टर का यह कदम न केवल छात्राओं को प्रेरित करेगा, बल्कि सरकारी अधिकारियों के प्रति आम जनता के विश्वास को भी मज़बूती प्रदान करेगा। यह सुनिश्चित करता है कि उनका निरीक्षण केवल कागज़ी कार्यवाही नहीं, बल्कि विद्यालय के हर पहलू, यहाँ तक कि बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता और उपस्थिति पर भी ध्यान केंद्रित करता है।







