पुतिन-मोदी की उपस्थिति वाले फोरम में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व 4-5 दिसंबर को नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय बैठक, द्विपक्षीय व्यापार पर होगा फोकस
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। रेफ्राकास्ट मेटलर्जिकल्स प्रा. लि. के डॉ. अभिषेक पांडे को आगामी रूस–इंडिया समिट 2025 के साथ आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित रूस–इंडिया फोरम में आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। यह गौरव इसलिए भी विशेष है, क्योंकि डॉ. पांडे पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से इस उच्च-स्तरीय मंच के लिए एकमात्र प्रतिनिधि हैं। 4-5 दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाले इस निर्णायक फोरम को स्वयं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। डॉ. पांडे की उपस्थिति छत्तीसगढ़ के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और व्यापारिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मानक स्थापित करती है।
- एकमात्र प्रतिनिधि: डॉ. अभिषेक पांडे, पूरे छत्तीसगढ़ से रूस–इंडिया फोरम के लिए एकमात्र आमंत्रित प्रतिनिधि।
- उच्च-स्तरीय संबोधन: फोरम को राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी संबोधित करेंगे।
- चर्चा का केंद्र: द्विपक्षीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई-चेन, और वित्तीय तंत्र को मजबूत करने पर रणनीतिक विमर्श।
- अंतरराष्ट्रीय मानक: यह आमंत्रण रेफ्राकास्ट मेटलर्जिकल्स की टिकाऊ धातुकर्म और नवाचार आधारित समाधानों की वैश्विक विश्वसनीयता को दर्शाता है।
द्विपक्षीय साझेदारी को मिलेगी नई दिशा
रोस्कॉन्ग्रेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस फोरम का मुख्य उद्देश्य भारत-रूस के द्विपक्षीय व्यापार संतुलन को बेहतर बनाना, भारतीय उत्पादों की रूसी बाजारों में पैठ बढ़ाना और मजबूत भुगतान तंत्र एवं वित्तीय अवसंरचना तैयार करना है। डॉ. पांडे की कंपनी, रेफ्राकास्ट मेटलर्जिकल्स, उन्नत धातुकर्म प्रक्रिया, स्पेंट-कैटेलिस्ट रीसाइक्लिंग और शून्य-कचरा तकनीक में विशेषज्ञता रखती है। उनकी भागीदारी से दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, औद्योगिक निवेश और निर्यात–आयात संबंधों के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।
‘प्लेनरी सेशन’ में अहम भूमिका
फोरम का सबसे महत्वपूर्ण सत्र ‘प्लेनरी सेशन’ होगा, जहाँ राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी सीधे शामिल होंगे। इस सत्र में व्यापार, निवेश, कच्चे माल, ऊर्जा, तकनीक और उद्योग से जुड़े उच्च-स्तरीय रणनीतिक विमर्श प्रस्तावित हैं। डॉ. पांडे का हालिया अंतरराष्ट्रीय अनुभव—जिसमें अक्टूबर 2025 में रूस के कालनिनग्राद में त्रि-राष्ट्र व्यापार संवाद श्रृंखला और मॉस्को में ब्रिक्स आर्थिक फोरम में भागीदारी शामिल है—उन्हें इस वैश्विक संवाद में छत्तीसगढ़ और भारत के औद्योगिक नवाचार क्षमता का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक आदर्श चेहरा बनाता है। यह आमंत्रण न केवल डॉ. पांडे की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक इकाइयाँ अब वैश्विक टिकाऊ सामग्री प्रबंधन और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही हैं।







