ऐतिहासिक फैसला: अब ‘सामाजिक विज्ञान’ के पद पर प्रमोट हो सकेंगे वाणिज्य पृष्ठभूमि के सहायक शिक्षक, संघ ने जताया आभार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/धमतरी। छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। ‘छत्तीसगढ़ शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026’ में राज्य शासन ने वाणिज्य संकाय से नियुक्त सहायक शिक्षकों की वर्षों पुरानी और लंबित मांग को स्वीकार कर लिया है। अब वाणिज्य संकाय के सहायक शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है, जिससे प्रदेश भर के हजारों शिक्षकों में हर्ष की लहर है।
संघ के संघर्षों को मिली सफलता
छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि वाणिज्य संकाय से नियुक्त सहायक शिक्षक पिछले कई वर्षों से पदोन्नति से वंचित थे। उनकी पीड़ा को समझते हुए संघ ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के समक्ष निरंतर पैरवी की। फलस्वरूप, शासन ने नवीन नियमों में इन्हें समाजिक विज्ञान के पद पर पदोन्नति देने का प्रावधान किया है।
“यह केवल एक नियम परिवर्तन नहीं, बल्कि उन हजारों शिक्षकों के सम्मान की जीत है जो वर्षों से एक ही पद पर ठिठके हुए थे।” — विष्णु प्रसाद साहू, प्रदेश अध्यक्ष
प्रमुख मांगें: एलबी संवर्ग को मिले प्राथमिकता
जहाँ एक ओर पदोन्नति का रास्ता खुला है, वहीं संघ ने शासन के सामने कुछ और महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं:
- प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना: एलबी (LB) संवर्ग की सेवा गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए।
- पदोन्नति में प्राथमिकता: वर्तमान शिक्षक भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया में एलबी संवर्ग के अनुभवी शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए।
प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने जताई खुशी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर संघ के शीर्ष नेतृत्व सहित जिला स्तर के पदाधिकारियों ने अपनी खुशी जाहिर की है। इस अवसर पर:
- शीर्ष नेतृत्व: ममता वाडदे (उपाध्यक्ष), गीता नायर, खोमन लाल साहू (संचालक), विवेक धुर्वे (सचिव), और जगदीश दिल्लीवार (संरक्षक)।
- जिला प्रतिनिधि: धमतरी से अनिता घोरपडे, बीजापुर से मधुसूदन सिंह, बेमेतरा से लक्ष्मीनारायण साहू, बस्तर से शिवशंकर सिंह, रायपुर से रश्मि पटेल और राजनांदगांव से भारती साहू सहित गरियाबंद, कवर्धा, दुर्ग, कांकेर और बस्तर संभाग के अनेक शिक्षक साथी उपस्थित रहे।
भविष्य की राह
वाणिज्य विकास संघ का कहना है कि वे शिक्षकों के हितों के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। पदोन्नति का यह फैसला न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि स्कूलों में सामाजिक विज्ञान के रिक्त पदों को भरने में भी सहायक सिद्ध होगा।
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