प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना और वेतन विसंगति दूर करने की मांग, ‘मोदी की गारंटी’ निभाने पर अड़े शिक्षक
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/धमतरी। छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत में अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलनों का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा आगामी 17 जनवरी को प्रस्तावित एक दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ ने अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। संघ के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि एलबी संवर्ग के शिक्षकों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“प्रथम नियुक्ति तिथि से हो सेवा की गणना” – विष्णु प्रसाद साहू
छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू ने फेडरेशन की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि वे लंबे समय से एलबी संवर्ग के शिक्षकों के लिए ‘प्रथम नियुक्ति तिथि’ से सेवा गणना की मांग कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र की ‘मोदी की गारंटी’ का हवाला देते हुए राज्य सरकार से समस्त लाभ प्रदान करने की अपील की है।
संघ ने इन 4 प्रमुख मांगों पर जताई अपनी सहमति:
- क्रमोन्नत वेतनमान: एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए और उन्हें क्रमोन्नत वेतनमान सहित सभी सरकारी लाभ दिए जाएं।
- वेतन विसंगति का समाधान: वर्षों से लंबित सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को तत्काल दूर किया जाए।
- VSK ऐप का विरोध: शिक्षकों की उपस्थिति के लिए थोपी गई वीएसके (VSK) ऐप की अनिवार्यता बंद की जाए। सरकार को यदि उपस्थिति लेनी है, तो बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग करे।
- TET की अनिवार्यता: टीईटी (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए सरकार को आवश्यक और ठोस पहल करनी चाहिए।
प्रदेश भर के दिग्गज पदाधिकारियों ने भरी हुंकार
इस समर्थन के दौरान संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों सहित विभिन्न जिलों के अध्यक्षों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और एकजुटता का परिचय दिया। समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से:
- प्रदेश पदाधिकारी: उपाध्यक्ष ममता वाडदे, गीता नायर, संचालक खोमन लाल साहू, सचिव विवेक धुर्वे, संरक्षक जगदीश दिल्लीवार।
- जिला नेतृत्व: अनिता घोरपड़े (धमतरी), मधुसूदन सिंह (बीजापुर), लक्ष्मीनारायण साहू (बेमेतरा), शिवशंकर सिंह (बस्तर), भारती साहू (राजनांदगांव), रश्मि पटेल (रायपुर), चंद्रकला साहू (सरगुजा), जीसी देवांगन (जांजगीर चांपा), योगेश्वर दिवान (गरियाबंद) एवं अन्य।
वाणिज्य व्याख्याताओं की एकजुटता
कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से आए वाणिज्य संकाय के व्याख्याताओं ने एक स्वर में मांगों का समर्थन किया। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी सेवा शर्तों में सुधार और विसंगतियों का निराकरण नहीं होगा, तब तक न्याय की यह लड़ाई जारी रहेगी। 17 जनवरी का यह आंदोलन प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और सरकार के रुख को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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