रायपुर से उठेगी इंकलाब की आवाज : 12 फरवरी को युवा कांग्रेस की ‘महापंचायत’, मनरेगा में बदलाव पर आर-पार की जंग
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में युवाओं की भागीदारी और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए युवा कांग्रेस ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। 12 फरवरी को राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में “युवा महापंचायत” का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा और राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब शिरकत करेंगे, जो प्रदेश के हजारों युवाओं में जोश भरेंगे।
महापंचायत का लक्ष्य: मनरेगा संशोधन का विरोध और युवा नेतृत्व का उदय
युवा कांग्रेस ने इस आयोजन के जरिए सीधा संदेश दिया है कि वह न केवल सड़कों पर लड़ेगी, बल्कि नेतृत्व की नई पौध भी तैयार करेगी।
- मनरेगा पर प्रहार: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधनों को जनविरोधी बताते हुए युवा कांग्रेस इस महापंचायत के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराएगी।
- कौन होंगे शामिल: इस आयोजन में 40 वर्ष से कम आयु के उन युवाओं को आमंत्रित किया गया है जिन्होंने पंचायत से लेकर लोकसभा तक चुनाव लड़े हैं।
- सोशल इंजीनियरिंग: आयोजन में एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
डिजिटल क्रांति: अब ऑनलाइन माध्यम से बनेंगे ‘नेशनल लीडर’
प्रेस वार्ता के दौरान युवा कांग्रेस ने N.O.B (National Office Bearer) फॉर्म का डिजिटल लॉन्च भी किया।
- पारदर्शिता का नया दौर: अब गूगल लिंक के माध्यम से युवा सीधे राष्ट्रीय स्तर के पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
- प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने बताया कि इस प्रक्रिया से संवैधानिक चुनाव लड़ चुके युवाओं और आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी।
दिग्गजों के बोल: संगठन को मिलेगी नई धार
- प्रदेश प्रभारी अमित पठानिया: “हम पंचायत से संसद तक चुनाव लड़ने वाले युवाओं को खोज रहे हैं। उन्हें आने वाले समय में संगठन में बड़ी और निर्णायक जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।”
- प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा: “प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सभी जिला अध्यक्षों को जिम्मेदारियां दे दी गई हैं। 12 फरवरी का कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा और 3000 से अधिक युवा अपनी आवाज बुलंद करेंगे।”
क्यों खास है यह महापंचायत ?
यह आयोजन महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि कांग्रेस की ‘अगली पीढ़ी’ तैयार करने का ब्लूप्रिंट है। चुनाव लड़ चुके अनुभवी युवाओं को जोड़कर कांग्रेस अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। डिजिटल नियुक्ति (NOB) के जरिए पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि अब केवल पैरवी नहीं, बल्कि प्रतिभा और अनुभव ही पद का आधार होगा।







