आगरपानी में वाटरशेड महोत्सव : डबरी, कुंआ निर्माण से सिंचाई सुविधा का होगा विस्तार, किसानों को मिले बीज एवं किट
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पंडरिया। क्षेत्र के किसानों की वर्षों पुरानी सिंचाई संकट को दूर करने के लिए आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत ग्राम आगरपानी में आयोजित वाटरशेड महोत्सव के अवसर पर ₹96 लाख 96 हजार की लागत से स्वीकृत 21 कृषि एवं जल-संरक्षण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में डबरी, कुआँ एवं स्टॉप डैम निर्माण कार्य शामिल हैं, जो 12 ग्राम पंचायतों के 21 गाँवों में जल-संरक्षण, भू-जल संवर्धन और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगी। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है।

जल-संरक्षण से बढ़ेगी किसानों की आय
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की PMKSY योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना ‘हर खेत को पानी’ के लक्ष्य को साधते हुए जल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दे रही है।
बोहरा ने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं से:
- सिंचाई में स्थिरता: क्षेत्र में निर्मित जल-संरक्षण संरचनाएँ जैसे स्टॉप-डैम और कुआँ किसानों को वर्षभर पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएंगी।
- भू-जल संवर्धन: वर्षा जल का संचयन बढ़ेगा, जिससे भू-जल स्तर में सुधार होगा, जो सूखे से प्रभावित क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत है।
- आर्थिक मजबूती: मिट्टी का कटाव रुकने और उपजाऊ शक्ति बढ़ने से फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार होगा।
अनुदान और लाभ का वितरण
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने ₹79.48 लाख के कार्यों का लोकार्पण और ₹17.50 लाख के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों को कृषि को आधुनिक बनाने के लिए 29 डीजल पम्प, बीज एवं किट, अनुदान राशि और लाभार्थी प्रमाण पत्र का वितरण भी किया।



विधायक ने केंद्र और राज्य नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंडरिया क्षेत्र को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ये विकास कार्य कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेंगे और किसानों की आजीविका पर सीधा सकारात्मक असर डालेंगे।




