आस्था पर चोट करने वाले चोरों को पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा, एसपी रत्ना सिंह के निर्देशन में मनेंद्रगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी
नई पहल न्यूज नेटवर्क|मनेंद्रगढ़। जिले में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस कप्तान रत्ना सिंह के तेवर सख्त नजर आ रहे हैं। शहर के चनवारीडांड स्थित हनुमान मंदिर में हुई चोरी की वारदात का एमसीबी पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने न केवल चोरी गया ‘चांदी का मुकुट’ बरामद किया, बल्कि वारदात को अंजाम देने वाले दो शातिर आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दोपहर में पूजा, शाम को मुकुट गायब: वारदात की पूरी कहानी
घटना 28 मार्च की है, जब चनवारीडांड निवासी संदीप कुमार मिश्रा दोपहर की पूजा कर मंदिर का दरवाजा बंद कर घर गए थे। शाम करीब 5 बजे जब वे दोबारा सफाई के लिए पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। भगवान की मूर्ति से चांदी का मुकुट गायब था। देखते ही देखते मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता और धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा होने के कारण पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।
दमदार इंट्रो: आस्था के रक्षक बने वर्दीधारी
“जब आस्था के केंद्र पर वार होता है, तो समाज में आक्रोश पनपना लाजमी है, लेकिन एमसीबी पुलिस की मुस्तैदी ने इस आक्रोश को न्याय में बदल दिया। मंदिर की चौखट लांघकर भगवान का मुकुट ले जाने वाले चोरों को शायद अंदाजा नहीं था कि कानून के हाथ उनके गिरेबान तक पहुंचने में देर नहीं लगाएंगे। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह और एएसपी पुष्पेंद्र नायक के सटीक मार्गदर्शन में मनेंद्रगढ़ पुलिस ने यह साबित कर दिया कि जिले में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।”
मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों ने बिछाया जाल
थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश सैनी के नेतृत्व में टीम ने तत्काल घेराबंदी शुरू की। मुखबिरों से मिली सटीक सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नौसाद अली (मलाई भट्ठा निवासी) और साहिल गुप्ता (एफसीआई गोदाम निवासी) को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनके कब्जे से चोरी का मुकुट बरामद कर लिया गया।



इनकी रही मुख्य भूमिका:
इस त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने में निरीक्षक दीपेश सैनी, प्रधान आरक्षक विवेकमणि तिवारी, आरक्षक राकेश शर्मा, दीप तिवारी और नगर सैनिक विनीत सोनी की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(3) और 305(D) के तहत मामला दर्ज किया है।




