आरएसएस प्रमुख को लिखे कथित पत्र को वसुंधरा राजे ने बताया ‘शुभचिंतकों’ की साजिश, विरोधियों को घेरा
नई पहल न्यूज डेस्क। जयपुर/दिल्ली। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक बेहद तल्ख और स्पष्ट पोस्ट साझा करते हुए उन तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया है, जो एक तथाकथित ‘वायरल लेटर’ के बाद शुरू हुई थीं। पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा था, जिसे कथित तौर पर वसुंधरा राजे द्वारा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा हुआ बताया जा रहा था।
“शुभचिंतकों की कारगुजारी है यह वायरल पत्र”
राजे ने अपनी पोस्ट की शुरुआत एक पुरानी और प्रभावी कहावत से की— “साँच को आँच की ज़रूरत नहीं है।” उन्होंने सीधे शब्दों में इस पत्र को फर्जी करार देते हुए इसे अपने ‘शुभचिंतकों’ (विरोधियों पर कटाक्ष) की एक ओछी कारगुजारी बताया है।
”वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी मात्र है। ऐसे लोग चाहे जितना भ्रम फैलाएं, बाधाएं उत्पन्न करें… देश की नारी शक्ति न रुकी है, न रुकेगी!”
पीएम मोदी और ‘नारी शक्ति’ पर अटूट विश्वास
विवादों को दरकिनार करते हुए राजे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अटूट विश्वास जताया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पुरजोर समर्थन करते हुए विपक्षी खेमे पर तीखा हमला बोला। राजे ने स्पष्ट किया कि:
- प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिल रही है।
- देश की हर महिला इस बदलाव का स्वागत कर रही है।
- नारी शक्ति का विरोध करने वाले लोग ‘चौथी बार’ भी विपक्ष में बैठने की तैयारी कर चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पोस्ट के जरिए वसुंधरा राजे ने न केवल अपनी निष्ठा स्पष्ट की है, बल्कि उन ताकतों को भी कड़ा संदेश दिया है जो उनके और संगठन के बीच दरार दिखाने की कोशिश कर रहे थे।







