कांग्रेस के ‘चीरहरण’ वाले आरोप पर सरकार का पलटवार, ‘पारदर्शिता से समझौता नहीं, दोषी एजेंसी पर गिरेगी गाज’
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर|छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई यूनिफॉर्म (साड़ी) की गुणवत्ता को लेकर छिड़ा विवाद अब चरम पर है। विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को ‘महिलाओं का चीरहरण’ जैसे कड़े शब्दों से संबोधित किए जाने के बाद, राज्य सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जिन भी जिलों में मानक से कम लंबाई या खराब गुणवत्ता की साड़ियां मिली हैं, उन्हें तुरंत बदला जाएगा।
विपक्ष के हमले और सरकार की सफाई
छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में साड़ियों की लंबाई और रंग को लेकर मचे घमासान के बीच विभाग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- शिकायतों पर तत्काल एक्शन: दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जैसे जिलों से मिली शिकायतों के बाद जांच समितियां गठित कर दी गई हैं।
- एजेंसी की जवाबदेही: छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मानक के अनुरूप नई साड़ियां उपलब्ध कराएं।
- भुगतान की शर्त: विभाग ने पहले ही कार्यादेश में शर्त रखी थी कि गुणवत्ता खराब होने पर एजेंसी को सामग्री बदलनी होगी।
साड़ी का ‘स्टैंडर्ड’ और तकनीकी जांच
विभाग के अनुसार, साड़ियों की आपूर्ति से पहले तकनीकी जांच राइट्स लिमिटेड (मुंबई) द्वारा की गई थी। साड़ी के मापदंड निम्नलिखित निर्धारित हैं:
- कुल लंबाई (ब्लाउज पीस सहित): 6.30 मीटर
- साड़ी की शुद्ध लंबाई: 5.50 मीटर
- निर्धारित बजट: ₹500 प्रति साड़ी (केंद्र सरकार के मानकानुसार)
- कुल आपूर्ति: लगभग 1.94 लाख साड़ियां
जांच में खुली पोल: छोटी निकलीं साड़ियां, निकलने लगा रंग
मैदानी स्तर पर हुई जांच में विभाग ने स्वीकार किया है कि कुछ स्थानों पर साड़ियों की लंबाई कम पाई गई और बुनाई में भी खामियां थीं। कॉटन साड़ियों के रंग छोड़ने की शिकायतों पर विभाग ने तर्क दिया है कि पहली धुलाई के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है, लेकिन गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।



सरकार का संकल्प: ‘हितग्राहियों का नुकसान बर्दाश्त नहीं’
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को दोबारा सघन जांच के निर्देश दिए हैं। विभाग ने दो टूक कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान सर्वोपरि है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर एक कार्यकर्ता को तय मानक और उच्च गुणवत्ता की ही यूनिफॉर्म मिले।




