छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बजट को बताया ‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’, कैंसर और शुगर की दवाएं सस्ती होने पर जताया आभार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर|केंद्रीय बजट 2026 ने भारत के स्वास्थ्य ढांचे को भविष्य के लिए तैयार करने का एक दूरदर्शी खाका पेश किया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बजट को ‘स्वास्थ्य क्रांति’ का नाम देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि हर गरीब को सुलभ इलाज और हर मध्यम वर्ग के परिवार को सस्ती दवाओं की गारंटी देता है।
क्यों खास है स्वास्थ्य बजट 2026 ?
1. जेब को राहत: सस्ती होंगी जीवन रक्षक दवाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने बजट के सबसे संवेदनशील फैसले का स्वागत किया। बजट में कैंसर की 17 दवाएं, शुगर और 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भारी छूट दी गई है। इससे असाध्य रोगों से जूझ रहे मरीजों के परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम होगा।
2. ग्लोबल हब बनेगा भारत: 5 रीजनल मेडिकल टूरिज्म सेंटर्स
भारत को दुनिया की ‘हेल्थ डेस्टिनेशन’ बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग से 5 रीजनल मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करेगी। श्री जायसवाल ने बताया कि इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में निवेश और रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
3. आयुर्वेद को वैश्विक पहचान: 3 नए AIIMS (आयुर्वेद)
आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे। कोविड-19 के बाद वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद की बढ़ी मांग को देखते हुए यह कदम भारत को पारंपरिक चिकित्सा में ‘विश्व गुरु’ बनाएगा।



4. आत्मनिर्भर बायोफार्मा: ₹10,000 करोड़ का निवेश
दवा निर्माण के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए बायोफार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से गंभीर बीमारियों की दवाइयों का उत्पादन देश के भीतर ही होगा, जिससे उनकी कीमतों में गिरावट आएगी।
अंत्योदय से आरोग्य तक का सफर – श्याम बिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने बजट की तारीफ करते हुए कहा:
“यह बजट अंत्योदय के विचार को स्वास्थ्य सेवा से जोड़ता है। जिला अस्पतालों को आधुनिक बनाना, हर जिले में ट्रॉमा सेंटर खोलना और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना यह दर्शाता है कि सरकार नागरिक के समग्र स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है। पशु-चिकित्सा क्षेत्र में पूंजी सब्सिडी का निर्णय भी एक सराहनीय कदम है।”
छत्तीसगढ़ पर प्रभाव : बुनियादी ढांचे में होगा सुधार
श्री जायसवाल के अनुसार, इस बजट से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने में मदद मिलेगी। औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन से राज्य में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी। कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 स्वास्थ्य सेवाओं को जनहितैषी, सुलभ और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। यह बजट ‘बीमारी मुक्त भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने की शक्ति रखता है।




