नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर|मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में दो ऐसे निर्णय लिए गए हैं, जो प्रदेश की ‘नारी शक्ति’ के स्वावलंबन और सरहद पर तैनात ‘वीर जवानों’ के प्रति कृतज्ञता को समर्पित हैं। सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सैनिकों के सम्मान में रजिस्ट्री व स्टाम्प शुल्क में भारी कटौती की ऐतिहासिक घोषणा की है।
आधी आबादी को पूरा हक : जमीन की रजिस्ट्री अब आधी कीमत पर
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को घर और जमीन की मालकिन बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम उठाया है। अब यदि कोई संपत्ति महिलाओं के नाम पर रजिस्टर कराई जाती है, तो उस पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की भारी छूट मिलेगी।

- क्यों खास है यह फैसला: अक्सर देखा जाता है कि पारिवारिक संपत्तियाँ पुरुषों के नाम पर होती हैं। इस निर्णय से परिवारों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा कि वे अपनी बेटियों, पत्नियों और माताओं के नाम पर निवेश करें।
- सरकार पर प्रभाव: इस छूट से राज्य सरकार को सालाना लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “महिला सशक्तिकरण की कीमत राजस्व से कहीं बढ़कर है।”
- बड़ा फायदा: इससे न केवल महिलाओं का सामाजिक स्तर सुधरेगा, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
सरहद के प्रहरियों को ‘साय’ का तोहफा : घर खरीदना हुआ सस्ता
देश की सुरक्षा में अपना जीवन खपा देने वाले सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों (विधवाओं) के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी संवेदनशीलता दिखाई है। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि अब हमारे जवान अपने सपनों का आशियाना कम कीमत पर बना सकेंगे।
- 25% की सीधी बचत: छत्तीसगढ़ के भीतर 25 लाख रुपये तक की कोई भी अचल संपत्ति (जमीन या मकान) खरीदने पर सैनिकों को देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
- जीवनकाल में एक बार: यह लाभ प्रत्येक सैनिक को उनके जीवनकाल में एक बार प्राप्त होगा।
- उद्देश्य: सैनिक अपनी सेवा के दौरान अक्सर एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होते रहते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद जब वे स्थायी निवास की योजना बनाते हैं, तो यह आर्थिक राहत उनके लिए एक बड़े संबल का काम करेगी।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले एक नजर में :
- UCC की तैयारी: प्रदेश में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट बनाने के लिए जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी गठित।
- सस्ती रेत: रेत की कालाबाजारी रोकने के लिए अब सरकारी कंपनियों (CMDC) को भी रेत खदानें दी जा सकेंगी।
- अवैध खनन पर नकेल: अवैध परिवहन पर न्यूनतम 25 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान।
- पशुपालकों को लाभ: दुधारू पशु योजना का विस्तार अब सभी वर्गों के लिए किया गया है।
आज के ये निर्णय केवल प्रशासनिक सुधार नहीं हैं, बल्कि एक ‘कल्याणकारी राज्य’ की वह सोच है जहाँ समाज के सबसे सम्मानित (सैनिक) और सबसे महत्वपूर्ण (महिला) वर्ग को सीधे तौर पर लाभ पहुँचाया जा रहा है। रजिस्ट्री शुल्क में 50% की कटौती प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर और महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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