भाजपा जिलाध्यक्ष ने केंद्रीय बजट को बताया ऐतिहासिक, कहा- एमसीबी जिला समेत पूरे देश की बदलेगी तस्वीर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए बजट पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष चम्पा देवी पावले ने इसे ‘अमृत काल’ का स्वर्णिम रोडमैप बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट मात्र एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पंख देने वाला एक व्यापक विजन है। श्रीमती पावले के अनुसार, इस बजट के केंद्र में समाज का हर वह व्यक्ति है जो देश की प्रगति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है।
बजट की प्रमुख उपलब्धियाँ: जिलाध्यक्ष की नजर में
श्रीमती पावले ने बजट के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे यह बजट आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है:
- अन्नदाता की खुशहाली: कृषि क्षेत्र में विशेष प्रावधानों से किसानों की लागत कम होगी और उनकी आय के नए स्रोत खुलेंगे।
- युवाओं के सपने होंगे सच: रोजगार और स्वरोजगार की नई योजनाओं से युवाओं को अब काम मांगने वाला नहीं, बल्कि काम देने वाला (Startup) बनने का मौका मिलेगा।
- नारी शक्ति का उदय: महिला सशक्तिकरण के लिए प्रस्तावित नई आर्थिक सहायता योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएंगी।
- मध्यम वर्ग को बड़ी राहत: आयकर (Income Tax) की नई व्यवस्था में मिली छूट से मध्यम वर्ग की बचत बढ़ेगी, जिससे बाजार में तरलता आएगी।
- बुनियादी ढांचे का विस्तार: रेल, सड़क और आवास पर भारी निवेश से एमसीबी जिले जैसे क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी।
“हर परिवार के पास होंगे कमाई के पर्याप्त अवसर”
चम्पा देवी पावले ने जोर देते हुए कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत यह बजट अंत्योदय के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें गरीब को गणेश मानकर उसकी सेवा का संकल्प है, तो वहीं मध्यम वर्ग के संघर्षों को सम्मान दिया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि सरकार आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर कितनी गंभीर है।”
विकसित छत्तीसगढ़ और समृद्ध एमसीबी
जिलाध्यक्ष ने विश्वास जताया कि इस बजट से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की भावना को चरितार्थ करता है, जिससे हर क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके उपलब्ध होंगे।







