बालोद में स्वतंत्रता दिवस पर मिली बड़ी उपलब्धि, रेस्क्यू के बाद नैसर्गिक आवास में छोड़ा गया वन्यप्राणी

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से स्वतंत्रता दिवस पर एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। यहां वन विभाग ने 15 अगस्त की आधी रात को एक तेंदुए को उसके नैसर्गिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया। इस मौके पर वन विभाग की टीम, वेटरनरी डॉक्टर और रायपुर से आई विशेषज्ञ टीम मौजूद रही। दरअसल, इस तेंदुए को 4 अगस्त को मानव बस्ती क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। बलराम गोटी नामक व्यक्ति के घर में मुर्गियों पर हमला करने पहुंचा यह तेंदुआ तार में फँस गया था। तत्काल वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और संरक्षण में लेकर उसकी देखभाल की। करीब 11 दिन तक चिकित्सकीय देखरेख और चार्ज करने के बाद आखिरकार इसे स्वतंत्रता दिवस की आधी रात को आज़ादी मिल गई।
वन विभाग का बयान
उपवन मंडलाधिकारी डिंपी बैंस ने बताया कि “वन मंडल अधिकारी और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पूरे प्रोटोकॉल के साथ तेंदुए को उसके नैसर्गिक आवास में छोड़ा गया है। सुरक्षा कारणों से स्थान का खुलासा नहीं किया जा सकता, लेकिन यह सुनिश्चित है कि तेंदुए को अनुकूल और सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा गया है।” उन्होंने कहा कि वन्य प्राणियों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या हमला न करें। यदि कभी इस तरह की स्थिति बने तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उचित स्थान पर छोड़ा जा सके।
टीम की बड़ी उपलब्धि
तेंदुए को आज़ाद करने की इस पूरी प्रक्रिया में वन विभाग की स्थानीय टीम के साथ ही रायपुर से आई विशेषज्ञ टीम और वेटरनरी डॉक्टरों ने अहम भूमिका निभाई। यह वन विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि समय रहते रेस्क्यू और बेहतर देखभाल के चलते एक वन्यप्राणी को नया जीवन मिला और वह अब स्वतंत्र रूप से जंगल में विचरण कर पाएगा।




















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