पुरखौती मुक्तांगन में सजेगा रायपुर साहित्य उत्सव-2026, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा- “साहित्यिक मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी साहित्य, विचार और कला के सबसे भव्य संगम की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले ‘रायपुर साहित्य उत्सव-2026’ की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आज जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आयोजन स्थल का सघन निरीक्षण किया। इस उत्सव का केंद्रीय विषय ‘आदि से अनादि तक’ रखा गया है, जो भारतीय साहित्य की शाश्वत परंपरा को दुनिया के सामने रखेगा।
डॉ. रवि मित्तल की पैनी नजर: समयबद्ध और उच्च गुणवत्तापूर्ण तैयारी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने आयोजन की भव्यता और जन-भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जनसंपर्क विभाग और आयोजन समिति को निर्देशित किया कि साहित्य उत्सव का प्रचार-प्रसार इस तरह हो कि प्रदेश के सुदूर अंचलों से भी युवा और साहित्यप्रेमी इस उत्सव का हिस्सा बनें। डॉ. मित्तल ने मुख्य मंच, पुस्तक मेला स्टॉल, मीडिया सेंटर और दर्शक दीर्घा की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और आयोजन को यादगार बनाने के लिए तकनीकी व सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
4000 से अधिक पंजीकरण: युवाओं का दिखेगा जबरदस्त उत्साह
जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि यह उत्सव केवल दिग्गजों का मंच नहीं होगा, बल्कि नई पीढ़ी को जोड़ने का एक सशक्त जरिया बनेगा। अब तक 4,000 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है, जो इस आयोजन की सफलता की पहली सीढ़ी है। उत्सव में पहली बार रायपुर के स्कूली बच्चों द्वारा लिखी गई कहानियों और कविताओं की पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।
उत्सव के प्रमुख आकर्षण:
- भव्य पुस्तक मेला: देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों के 40 से अधिक स्टॉल्स।
- सांस्कृतिक वैभव: विश्व प्रसिद्ध ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की झलक।
- बौद्धिक विमर्श: देशभर के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, पत्रकार और विचारकों का समागम।
- ओपन माइक: युवाओं और बच्चों के लिए अपनी कला दिखाने का स्वतंत्र मंच।
विचारों का संगम बनेगा पुरखौती मुक्तांगन
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के साथ डॉ. रवि मित्तल ने फूड ज़ोन, पेयजल और पार्किंग सुविधाओं का भी जायजा लिया ताकि आगंतुकों को कोई असुविधा न हो। डॉ. मित्तल ने विश्वास जताया कि यह तीन दिवसीय आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा। निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।







