“जो पार्टी अपने युवा संगठन को एकजुट नहीं रख सकती, वह युवाओं का नेतृत्व करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है”
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस के आंतरिक चुनावों को लेकर राजनीतिक पारा गर्म हो गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत के बयान पर करारा हमला बोला है। राहुल टिकरिहा ने कहा कि यूथ कांग्रेस के तथाकथित आंतरिक चुनावों ने पार्टी की संगठनात्मक दुर्गति, गुटबाजी और गहरे बिखराव की पोल पूरी तरह से खोलकर रख दी है।
राहुल टिकरिहा ने निशाना साधते हुए कहा कि युवा कांग्रेस चुनाव में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बेटे ने भी नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अधिक आयु होने के कारण उनका नामांकन रद्द हो गया। संभवतः इसी वजह से अमरजीत भगत अपनी खीज निकालने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर रहे हैं कि यूथ कांग्रेस चुनावों की वजह से पार्टी में खेमेबाजी, सिरफुटौव्वल और खुलेआम आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
गाँव और मतदान केंद्र स्तर तक पहुँची गुटबाजी
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अमरजीत भगत का यह बयान कि ‘चुनाव बंद होने चाहिए क्योंकि इससे पार्टी मजबूत होने के बजाय अंदर से कमजोर हो रही है’, इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि कांग्रेस नेतृत्वविहीन और अंतर्कलह से ग्रस्त हो चुकी है। कांग्रेस नेता खुद यह मान रहे हैं कि यह रंजिश केवल बड़े नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अब गाँव और बूथ स्तर तक पहुँच गई है।
अनुशासन और नीति विहीन हुई कांग्रेस
राहुल टिकरिहा ने कहा कि जब एक ही पार्टी के युवा कार्यकर्ता पदों की लालसा में सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे को नीचा दिखा रहे हैं, तो यह साफ है कि कांग्रेस के पास न तो कोई नीति बची है और न ही अनुशासन।
उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस का लोकतांत्रिक प्रक्रिया का दिखावा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। जो दल अपने ही युवा संगठन के पदाधिकारियों का चयन शांतिपूर्ण तरीके से नहीं करा सकता, उसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य और विकास पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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