रुबिका लियाकत, अनंत विजय और शशांक शर्मा ने किया कवयित्री पूजा अग्रवाल के चौथे काव्य संग्रह का विमोचन, यादों के झरोखे से रूबरू हुआ नवा रायपुर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। नवा रायपुर|छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और मां के आंचल की ममता जब शब्दों में ढलती है, तो वह ‘अम्मा की चाय’ बन जाती है। नवा रायपुर के ‘पुरखौती मुक्तांगन’ में चल रहे तीन दिवसीय “रायपुर साहित्य उत्सव-2026” के दूसरे दिन शनिवार को एक ऐसा ही भावुक क्षण देखने को मिला, जब सुप्रसिद्ध कवयित्री पूजा अग्रवाल के चतुर्थ काव्य संग्रह ‘अम्मा की चाय’ का भव्य विमोचन हुआ। उत्सव के ‘अनिरुद्ध नीरव मंडप’ में सजी इस साहित्यिक शाम ने न केवल कलाप्रेमियों का दिल जीता, बल्कि मां के त्याग और स्नेह की स्मृतियों को भी जीवंत कर दिया।
दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी में हुआ लोकार्पण
इस विशेष कृति का विमोचन देश और प्रदेश की नामचीन शख्सियतों के कर-कमलों से संपन्न हुआ। मंच पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, न्यूज़ 18 इंडिया की प्रखर एंकर रुबिका लियाकत और दैनिक जागरण के वरिष्ठ स्तंभकार व पत्रकार अनंत विजय मौजूद रहे। इन दिग्गजों ने पूजा अग्रवाल की लेखनी की सराहना करते हुए इसे आम जनजीवन की संवेदनाओं का एक जीवंत दस्तावेज बताया।
एक भावनात्मक यात्रा है ‘अम्मा की चाय’



’अम्मा की चाय’ पूजा अग्रवाल का चौथा काव्य संग्रह है। इससे पहले उनकी तीन पुस्तकें— ‘काव्य मन का प्रकाश पुंज’, ‘कोशिशों की उड़ान’ और ‘वीरा’ पाठकों के बीच खासी लोकप्रिय हो चुकी हैं। अपनी इस नई किताब के बारे में चर्चा करते हुए बताया गया कि यह मात्र कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है। इसमें माँ के हाथों की चाय में घुले प्यार का अहसास, उनका त्याग, ममता और जीवन के अनछुए पहलुओं को बेहद खूबसूरती से पिरोया गया है।
साहित्य और पत्रकारिता जगत का जमावड़ा
विमोचन के इस गरिमामय अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार चितरंजन कर, IIIT नवा रायपुर के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश व्यास, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुशील त्रिवेदी सहित अरविंद मिश्रा, डॉ. स्वर्णलता सराफ और स्मिता शर्मा जैसे प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों और मीडिया जगत के लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।




