अश्रुओं और भजनों के बीच गूंजा जीवन का सत्य ‘चोला माटी के हे राम’ ने सभी को किया भावुक
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भावुक वीडियो, हर कोई कह रहा – जिंदगी अनमोल है
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कांकेर। जीवन की अस्थायीता और मृत्यु की अटल सच्चाई का गहरा उदाहरण गुरुवार को उस वक्त देखने मिला, जब मांडाभर्री गांव के ग्राम पटेल (मुखिया) की अंतिम यात्रा भजन-संगीत की गूंज के बीच निकाली गई। गांव के मुखिया के निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों की आँखों में आँसू थे, लेकिन अंतिम यात्रा को उन्होंने एक संदेश के रूप में परिवर्तित कर दिया। परंपरागत शोक गीतों के बजाय भजन और भक्ति संगीत की मधुर धुनों के साथ अर्थी उठाई गई।

“चोला माटी के हे राम… जिंदगी का कोई ठिकाना नहीं है” जैसे भजनों की आवाज़ पूरे गांव में गूंज रही थी। हर कोई भाव-विह्वल होकर यह स्वीकार कर रहा था कि यह शरीर मात्र मिट्टी का बना चोला है, जिसे एक दिन सभी को छोड़ना ही पड़ता है।
अंतिम यात्रा में गांव के हर वर्ग के लोग शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा –
“गांव का आधार स्तंभ अब हमारे बीच नहीं रहा, उनकी कमी हमेशा खलेगी।”
“उन्होंने जीवन भर गांव की सेवा की, आज उनकी विदाई भी हमें एक बड़ी सीख दे गई।”
“भजन-संगीत के साथ निकली अर्थी ने हम सबको यह याद दिलाया कि जीवन क्षणभंगुर है, केवल अच्छे कर्म ही अमर रहते हैं।”
सोशल मीडिया पर अंतिम यात्रा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और जीवन के सच्चे संदेश को आत्मसात कर रहे हैं।
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