बालोद में 318 शिक्षकों का हुआ सम्मान

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर शुक्रवार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, आमापारा बालोद में जिला स्तरीय शिक्षा गौरव अलंकरण एवं शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिले के 318 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें ज्ञानदीप पुरस्कार प्राप्त 03 शिक्षक, प्रत्येक विकासखंड से चयनित शिक्षादूत और उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया गया।
✦ नेताओं ने जताया आभार और श्रद्धा
समारोह में शामिल संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों को देते हुए कहा –
“शिक्षक समाज निर्माण का वास्तविक आधार हैं, वे केवल पाठ नहीं पढ़ाते बल्कि जीवन को दिशा देते हैं।”
गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि शिक्षक बच्चों के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं, उनकी भूमिका केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहती। जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, कलेक्टर दिव्या मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ सुनील कुमार चंद्रवंशी ने भी शिक्षकों की सेवाओं की सराहना की।

✦ राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों का भी अभिनंदन
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने शिक्षक दिवस पर राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त जिले के शिक्षकों –
नरोत्तम सिंह यादव (स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, घोटिया)
ऐनुका सार्वा (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डौंडी लोहरा)
को बधाई दी और कहा कि उनका योगदान जिले को गौरवान्वित करता है।
✦छात्रा डॉली साहू बनी प्रेरणा
कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद विद्यालय, बालोद की छात्रा डॉली साहू को यंग साइंटिस्ट इंडिया प्रोग्राम के ग्रैंड फाइनल में स्थान बनाने पर बधाई दी और इसे जिले के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया।
✦ समारोह में अटल जी का स्मरण
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश यादव ने राज्य की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया और कहा कि इस अवसर पर शिक्षकों का सम्मान राज्य की प्रगति की दिशा में प्रेरणादायी है।
✦ शिक्षा ही समाज की रीढ़
अतिथियों ने सर्वसम्मति से कहा कि शिक्षकों का योगदान राष्ट्र निर्माण और समाज की प्रगति के लिए अमूल्य है।
बालोद का यह आयोजन न केवल शिक्षकों की निष्ठा और समर्पण का सम्मान है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने की दिशा में एक सशक्त संदेश भी है।
About The Author














