
वनांचल में धर्मांतरण पर प्रहार, विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर कराया अभिनंदन : जूदेव के घर वापसी अभियान की विरासत को दिया नया आयाम
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पंडरिया। छत्तीसगढ़ की धरती पर धर्मांतरण के खिलाफ स्व. दिलीप सिंह जूदेव ने जो ऐतिहासिक “घर वापसी” अभियान की नींव रखी थी, उसी परंपरा को अब पंडरिया की विधायक भावना बोहरा ने आगे बढ़ाया है। सेवा दिवस के अवसर पर कुई-कुकदुर में आयोजित विशेष समारोह में 70 से अधिक जनजातीय परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी कर सनातन संस्कृति को फिर से अपनाया। विधायक बोहरा ने इन परिवारों का पैर पखारकर स्वागत कर न केवल धर्मांतरण पर करारा प्रहार किया, बल्कि जूदेव की विरासत को जीवित करने का संकल्प भी लिया।
70 जनजातीय परिवारों ने धर्मांतरण छोड़कर अपने मूल धर्म में घर वापसी की
छत्तीसगढ़ के पंडरिया विधानसभा में वह दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे प्रदेश में नई चेतना जगा दी। 70 जनजातीय परिवारों ने धर्मांतरण छोड़कर अपने मूल धर्म में घर वापसी की और इस ऐतिहासिक अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने उनके पैर पखारकर अभिनंदन किया। वनांचल में हुए इस सांस्कृतिक उत्सव ने न सिर्फ धर्मांतरण पर प्रहार किया, बल्कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव द्वारा शुरू किए गए “घर वापसी अभियान” की विरासत को भी नया आयाम दिया।
✦ घर वापसी का दृश्य : पैर पखारकर अभिनंदन
पंडरिया के कुई-कुकदुर स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति छात्रावास मैदान में आयोजित संस्कृति गौरव सम्मान एवं अभिनंदन समारोह में ग्राम झूमर, बोहिल, आगरपानी, नेउर और छिंदीडीह से आए परिवारों ने घर वापसी की।
विधायक बोहरा ने स्वयं उनके पैर पखारकर स्वागत किया और कहा—
घर वापसी केवल आस्था का विषय नहीं है, यह हमारी संस्कृति, पहचान और अस्मिता की पुनर्प्राप्ति है। जो लोग प्रलोभन देकर हमारे भोले-भाले समाज को भटकाना चाहते हैं, उन्हें करारा जवाब मिला है।

✦ जूदेव से बोहरा तक : एक परंपरा का विस्तार
छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में धर्मांतरण के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वाले थे स्व. दिलीप सिंह जूदेव। उनकी प्रसिद्ध पंक्ति”गर्व से कहो हम हिंदू हैं”आज भी गूंजती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज विधायक भावना बोहरा ने वनांचल के बीच जाकर पैर पखारने की परंपरा से जनजातीय समाज का अभिनंदन कर दिखा दिया कि जूदेव का मिशन अब नई ऊर्जा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है।
✦ प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं और योजनाओं का संदेश
समारोह के अवसर पर विधायक बोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर बधाई दी और कहा कि उनके नेतृत्व में देश की मातृशक्ति, युवाशक्ति, आदिवासी समाज और कृषक वर्ग का अभूतपूर्व सशक्तिकरण हुआ है।
इसी दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जागरूकता गाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
✦ धर्मांतरण पर भावना बोहरा का संदेश
भावना बोहरा ने कहा कि विदेशी फंडिंग से चल रहे मिशनरी संगठनों द्वारा आदिवासी समाज को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। लेकिन भाजपा सरकार ने धर्म स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन लाकर सख्ती दिखाई है, जिससे अवैध धर्मांतरण पर 10 साल तक की सजा हो सकती है।
उन्होंने कहा, धर्मांतरण केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं, यह सांस्कृतिक आक्रमण है। हमारी जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाली आदिवासी संस्कृति को बचाना हमारा कर्तव्य है।

✦ नेताओं की मौजूदगी और समर्थन
समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी, पूर्व नगर संघचालक हरीश लुनिया, मंडल अध्यक्ष बसंत वटिया समेत अनेक जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सभी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि भावना बोहरा ने जूदेव की घर वापसी परंपरा को नया जीवन दिया है।
✦ संस्कृति और अस्मिता का उत्सव
यह घर वापसी सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का उत्सव है।
विधायक बोहरा द्वारा पैर पखारकर स्वागत करना इस बात का प्रतीक है कि भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधि जनजातीय समाज को न केवल सम्मान दे रहे हैं, बल्कि उनकी जड़ों और विरासत को बचाने की लड़ाई भी लड़ रहे हैं।

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