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एमसीयू का ‘अभ्युदय’: पत्रकारिता के नए सफर की शुरुआत, मुख्यमंत्री ने किया माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले, पत्रकारिता लोककल्याण भाव से ही सार्थक, कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, आज भी समाज छपे और बोले हुए शब्दों पर करता है भरोसा

‘अभ्युदय’ सत्र में एआई, तकनीकी बदलाव और सॉफ्ट स्किल्स पर हुआ गहन विमर्श, एमसीयू में स्थापित हुई दुर्लभ समाचार कवरेज गैलरी, कुलगुरु ने दिए नए कोर्स शुरू करने के संकेत

नई पहल न्यूज नेटवर्क। भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में नए अकादमिक सत्र ‘अभ्युदय’ का शुभारंभ सोमवार को हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं बल्कि समाज संचालन का दायित्व है। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में 12 फीट ऊंची दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण किया और पौधरोपण भी किया।

पत्रकारिता का लोककल्याण भाव आवश्यक : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पत्रकारिता तभी सार्थक होगी जब उसमें लोककल्याण का भाव होगा। उन्होंने नारद और हनुमानजी के उदाहरण देते हुए पत्रकारिता के खोजी और संदेशवाहक रूप को रेखांकित किया। डॉ. यादव ने कहा कि एमसीयू ने 35 वर्षों में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है और यहां से निकले पत्रकारों ने राष्ट्रीय मीडिया में नए मानक स्थापित किए हैं।

समाज का छपे हुए शब्दों पर भरोसा कायम : डॉ. कुमार विश्वास

मुख्य वक्ता डॉ. कुमार विश्वास ने नवागंतुक विद्यार्थियों से कहा कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि, यह सबसे बड़ा झूठ है कि हम जनता की पसंद का कंटेंट देते हैं। दरअसल पाठकों की रूचि बनाना ही पत्रकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने रामायण काल के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए पत्रकारिता में तटस्थता, साहस और समर्पण जैसे मूल्यों पर बल दिया।

तकनीकी बदलाव और सॉफ्ट स्किल्स की अहमियत

वरिष्ठ संपादक एन. रघुरामन ने कहा कि सफलता के लिए संवाद कौशल, धैर्य और व्यवहार कुशलता बेहद जरूरी है। वहीं, वरिष्ठ फिल्मकार आशीष कुलकर्णी ने एआई और बदलती तकनीकों पर चर्चा करते हुए कहा कि भविष्य में मीडिया में वीडियो, क्षेत्रीय भाषा और वॉयस कंटेंट की बड़ी भूमिका होगी।

पूर्व छात्राओं के अनुभव और विश्वविद्यालय की पहल

पूर्व छात्राओं निधि परमार, जूही कुलश्रेष्ठ और स्वाति कौशिक ने अपने अनुभव साझा किए। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय शीघ्र ही एआई, डीप फेक और साइबर सिक्योरिटी पर नए पाठ्यक्रम शुरू करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि परिसर में देश के प्रमुख समाचार पत्रों की दुर्लभ कवरेज गैलरी स्थापित की गई है।

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