छात्र राजनीति से स्काउट-गाइड तक, फिर विधायक और अब मंत्री पद की ओर कदम

नई पहल न्यूज नेटवर्क। दुर्ग। छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया अध्याय लिखने जा रहे दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव आज संभवतः मंत्री पद की शपथ लेंगे। राजनीति के इस नए दौर को स्थानीय लोग ‘गजेंद्र का राजतिलक’ कह रहे हैं। भाजपा के संगठनात्मक निष्ठा, आरएसएस से जुड़ी वैचारिक पृष्ठभूमि और जमीनी राजनीति में सक्रियता ने गजेंद्र को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।
गजेंद्र यादव का जन्म 15 जुलाई 1978 को कृषक परिवार में हुआ। मारवाड़ी विद्यालय दुर्ग से प्राथमिक शिक्षा और साइंस कॉलेज से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने वाले गजेंद्र ने फिटर ट्रेड से आईटीआई की डिग्री भी हासिल की। महज 21 साल की उम्र में वे अविभाजित मध्यप्रदेश के सबसे कम उम्र के पार्षद बने और वहीं से उनकी राजनीति की शुरुआत हुई। छात्र राजनीति के दिनों से ही सक्रिय गजेंद्र ने स्व. ताराचंद साहू और भाजपा के नेताओं के लिए लगातार काम किया। बाद में दुर्ग नगर निगम चुनाव में पांच बार के पार्षद और पूर्व उपमहापौर खेमलाल सिन्हा को हराकर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

स्काउट-गाइड से मिली राष्ट्रीय पहचान
राज्य मुख्य आयुक्त स्काउट-गाइड के रूप में गजेंद्र यादव ने न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर में पहचान बनाई। महज 35 वर्ष की आयु में देश के सबसे कम उम्र के स्काउट-गाइड राज्य मुख्य आयुक्त बने। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को स्काउट-गाइड का सर्वोच्च सम्मान मिला, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने वर्ष 2016 में प्रदान किया।
पहली बार विधायक और सीधी बड़ी छलांग
विधानसभा चुनाव 2023 में गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण वोरा को हराकर सुर्खियां बटोरीं। 48,697 मतों से ऐतिहासिक जीत ने उन्हें भाजपा की पंक्ति में और मजबूत किया। यह उनकी पहली विधानसभा जीत थी, लेकिन आज वे सीधे मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय संभालने की अटकलें
सूत्रों के मुताबिक, गजेंद्र यादव को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल सकती है। स्काउट-गाइड और छात्र राजनीति से जुड़ी उनकी पृष्ठभूमि को देखते हुए माना जा रहा है कि यह विभाग उनके लिए उपयुक्त रहेगा।
About The Author














