
ऑयल पाम खेती को मिलेगा विशेष अभियान का दर्जा, किसानों को दीर्घकालिक आय की गारंटी नि:शुल्क पौधे, फेंसिंग, सिंचाई और अंतरवर्ती फसलों पर मिल रही है सरकारी सब्सिडी
नई पहल न्यूज नेटवर्क। जांजगीर। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने रविवार को बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम सोंठी में ऑयल पाम की खेती का निरीक्षण कर किसानों को स्थायी आय का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि ऑयल पाम खेती किसानों की दीर्घकालिक आय का मजबूत जरिया बन सकती है। राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त योजना के तहत किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, तकनीकी मार्गदर्शन और अनुदान की सुविधा दी जा रही है।
✦ किसानों के लिए बड़ा अवसर
कलेक्टर ने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिले में ऑयल पाम खेती को विशेष अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने उद्यानिकी और कृषि विभाग को निर्देश दिए कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी इस योजना से जोड़ा जाए और उन्हें प्रशिक्षण व आजीविका गतिविधियों से आत्मनिर्भर बनाया जाए।
✦ 500 हेक्टेयर का लक्ष्य, पौधे नि:शुल्क
सहायक संचालक उद्यानिकी ने जानकारी दी कि जिले में ऑयल पाम की खेती का 500 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रति हेक्टेयर 29 हजार रुपये मूल्य के 143 पौधे किसानों को नि:शुल्क दिए जा रहे हैं।
पौधरोपण, फेंसिंग, सिंचाई और अंतरवर्ती फसल की कुल लागत: करीब 4 लाख रुपये
केंद्र सरकार का अनुदान: 1.30 लाख रुपये
राज्य शासन का अनुदान: 1.29 लाख रुपये
✦ तीसरे साल से उपज, 30 साल तक आमदनी
ऑयल पाम फसल तीसरे साल से उत्पादन देना शुरू करती है और लगातार 25 से 30 साल तक उपज देती है। एक हेक्टेयर से सालाना करीब 20 टन उपज मिल सकती है, जिससे किसान को ढाई से तीन लाख रुपये की सालाना आमदनी संभव है।
✦ निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि ललित मोहन भगत, सहायक संचालक उद्यानिकी रंजना मखीजा, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी खेमा दस महंत, कृषक पुरुषोत्तम शर्मा सहित स्थानीय किसान और महिला समूह की सदस्य मौजूद रहीं। यह पहल न सिर्फ किसानों को स्थायी आमदनी की गारंटी देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला स्व-सहायता समूहों को भी नई दिशा देने वाली साबित होगी।
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