विशंभर यादव की पीड़ा को समझकर सरकार और जनप्रतिनिधियों ने थामा हाथ, एंबुलेंस से भेजा गया रायपुर इलाज के लिए, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी पहुंचे विशंभर यादव के घर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सूरजपुर/रायपुर। कभी राजनीति की गलियारों में सक्रिय और जनता के बीच लोकप्रिय रहे भाजपा नेता विशंभर यादव की ज़िंदगी पिछले दो साल से बिस्तर तक सीमित हो चुकी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में जाते वक्त हुए सड़क हादसे ने उनका शरीर तोड़ दिया, और हालात की मार ने हौसला भी। मजबूर होकर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग कर डाली। लेकिन बुधवार का दिन उनकी ज़िंदगी में नई उम्मीद लेकर आया।

सक्रिय हुई सरकार
मीडिया में खबर आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद यादव से फोन पर बात की और उन्हें रायपुर इलाज के लिए बुलाया। इसके तुरंत बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली।
घर पहुँचे मंत्री व विधायक, एंबुलेंस से रायपुर रवाना
बुधवार को सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी यादव के घर पहुँचे। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और बेहतर इलाज का भरोसा दिया। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें रायपुर रवाना किया गया।
हर नागरिक की सेहत मेरी जिम्मेदारी है : श्यामबिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि, मेरा कर्तव्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में पीड़ित न रहे। हम सबका लक्ष्य है। सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः। विशंभर जी का इलाज रायपुर के एक अच्छे अस्पताल में मेरी देखरेख में कराया जाएगा।
तंगहाली और दर्द से जूझते विशंभर को मिली राहत
2023 के सड़क हादसे ने यादव का शरीर तोड़ दिया। नौकरी, रोज़गार, आर्थिक सहारा सब कुछ छिन गया। परिवार पर बोझ बढ़ा और हालात इतने खराब हुए कि उन्होंने जीवन खत्म करने की अनुमति माँगी। लेकिन अब सरकार और समाज के सहयोग से उनकी आंखों में एक बार फिर उम्मीद की किरण जग चुकी है।
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