सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता से जनता के दिलों में बनाई खास जगह

नई पहल न्यूज नेटवर्क। कवर्धा/पंडरिया। विधानसभा की लोकप्रिय विधायक भावना बोहरा का आज जन्मदिन है। अपनी सरल छवि और जनसेवा की बहुआयामी पहल के कारण उन्हें लोग कभी बस वाली दीदी, कभी एंबुलेंस वाली दीदी, तो कभी मौसी के नाम से पुकारते हैं।
कहाँ और कब हुआ जन्म
भावना बोहरा का जन्म 24 अगस्त 1982 को ग्राम नवा आबादीपारा (रणवीरपुर), सहसपुर-लोहारा, जिला कवर्धा (वर्तमान कबीरधाम) में हुआ।
परिवार और शिक्षा
वे एक सामान्य परिवार से हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बेमेतरा के गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल से हुई, जहाँ उन्होंने 2000 में साइंस (बायो) से हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद बीएससी और फिर एमएसडब्ल्यू (Master of Social Work) की पढ़ाई इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से की। उनके पति का नाम मनीष बोहरा है, जो व्यवसाय से जुड़े हैं। उनकी दो बेटियाँ हैं — इशिता और ईशान्या।
राजनीतिक यात्रा
भावना बोहरा का राजनीति में कदम पंचायत स्तर से शुरू हुआ। वे जिला पंचायत सदस्य और सभापति रहीं। इसके बाद भाजपा महिला मोर्चा में प्रदेश महामंत्री के रूप में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पंडरिया सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की और कांग्रेस उम्मीदवार को 26,398 मतों से हराया। पहली बार विधायक बनीं भावना बोहरा ने शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण को अपने काम का केंद्र बनाया।
जनसेवा के बहुआयामी रूप
बस वाली दीदी: ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू कराई।
एंबुलेंस वाली दीदी: स्वास्थ्य संकट में मुफ्त एंबुलेंस उपलब्ध कराई।
मौसी वाली दीदी: हादसों में माता-पिता खो चुके बच्चों का सहारा बनीं।
कांवड़ वाली दीदी: आस्था और परंपरा के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी दी।
राशन वाली दीदी: जरूरतमंद परिवारों तक मुफ्त राशन पहुंचाया।
समाजसेवा और लोकप्रियता
भावना बोहरा द्वारा संचालित भावना समाज सेवी संस्थान शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है।
सोशल मीडिया पर भी वे सक्रिय रहती हैं और जनता से सीधा संवाद करती हैं। फेसबुक पर उनके करीब 45 हजार फॉलोअर्स हैं।
जन्मदिन पर शुभकामनाओं की बौछार
आज उनके जन्मदिन पर समर्थकों, कार्यकर्ताओं और आम जनता ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। पंडरिया और पूरे कबीरधाम जिले में लोग उन्हें केवल एक नेता नहीं, बल्कि जनसेविका और प्रेरणा का स्वरूप मानते हैं।
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