
छत्तीसगढ़ी अस्मिता और संस्कृति को शासन की मुख्यधारा में लाने वाले नेता
संघर्ष की राह से सत्ता की ऊँचाइयों तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सफरनामा
रविकांत सिंह राजपूत। नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में “कका” के नाम से लोकप्रिय भूपेश बघेल आज अपने जन्मदिन पर सिर्फ एक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि संघर्ष, संगठन और सेवा के प्रतीक के रूप में याद किए जा रहे हैं। किसान परिवार से निकले इस जमीनी नेता ने न सिर्फ प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी बल्कि जनता की दशकों पुरानी मांग को पूरा करते हुए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को जिला बनाने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया।बपारिवारिक सादगी, छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़ाव और किसानों-मजदूरों की आवाज़ बनने वाले बघेल का जीवन सफर इस बात का सबूत है कि राजनीति का असली आधार जनता का विश्वास ही होता है। 23 अगस्त 1961 को जन्मे भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की राजनीति का वह नाम हैं, जिन्होंने किसान पुत्र से उठकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय किया। उनका जीवन संघर्ष, संगठन और सेवा का मिश्रण है।

कब-कब क्या रहे
1993 पहली बार विधायक, पाटन राजनीतिक करियर की शुरुआत
1994–2000 मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री ग्रामीण व कृषि क्षेत्र पर काम
2000 छत्तीसगढ़ राज्य गठन संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय
2003 कांग्रेस की हार, विपक्षी नेता संगठन को जिंदा रखा
2014 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को जोड़ा, पार्टी मजबूत की
2018 कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत 68 सीटें, मुख्यमंत्री बने
2018–2023 मुख्यमंत्री किसान कर्ज माफी, गोधन न्याय योजना, नया जिला गठन
2023 कांग्रेस विपक्ष में फिर भी प्रदेश की राजनीति का बड़ा चेहरा

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला : ऐतिहासिक फैसला
दशकों से क्षेत्र की जनता जिला बनाने की मांग कर रही थी।
बघेल सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को जिला बनाया।
इससे प्रशासनिक सुविधाएँ बढ़ीं और स्थानीय जनता का आत्मसम्मान भी सशक्त हुआ।
मुख्यमंत्री कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियाँ
किसानों का कर्ज माफ़
धान खरीदी की रिकॉर्ड व्यवस्था
गोधन न्याय योजना (गोबर खरीद कर वर्मी कम्पोस्ट)
भूमिहीन मजदूर न्याय योजना
बिजली बिल हाफ योजना
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
छत्तीसगढ़ी संस्कृति को शासन का हिस्सा बनाना

संस्कृति और पहचान
भूपेश बघेल ने हमेशा कहा – “छत्तीसगढ़ की आत्मा गांव और किसान में बसती है।”
छत्तीसगढ़ी बोली, गीत, लोकपर्व और परंपराओं को सरकारी आयोजनों में जगह दी।
मुख्यमंत्री आवास को “खुला दरबार” की तरह जनता के लिए खोला।
भूपेश बघेल का जीवन सफर यह संदेश देता है कि राजनीति का मतलब सिर्फ सत्ता नहीं बल्कि सेवा है। किसान पुत्र से मुख्यमंत्री तक पहुँचे इस नेता ने साबित किया कि जनता का विश्वास और संघर्ष ही किसी को असली जननेता बनाता है।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का निर्माण उनके संवेदनशील नेतृत्व का सबसे बड़ा प्रतीक है।

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