राजभवन में शाम 6 से 7 बजे के बीच होगा शपथ ग्रहण ! साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर पूरे प्रदेश की निगाहें

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज शाम बड़ा बदलाव होने के संकेत मिल रहे है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार शाम 6 से 7 बजे के बीच रायपुर स्थित राजभवन में हो सकता है। इस दौरान तीन नए मंत्री शपथ लेंगे। और अगर आज विस्तार हुआ तो कल 19 अगस्त को होने वाली कैबिनेट में ये नए 3 मंत्री बैठेंगे।
दो नाम पक्के – अमर और गजेंद्र
सूत्रों के अनुसार इस विस्तार में दो नाम लगभग तय माने जा रहे हैं।
अमर अग्रवाल (बिलासपुर विधायक, पूर्व मंत्री) – लंबे अनुभव और संगठनात्मक मजबूती के कारण उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। वे पहले भी वित्त, नगरीय प्रशासन और स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं।
गजेंद्र यादव (दुर्ग विधायक, पहली बार मंत्री) – ओबीसी वर्ग से आने वाले गजेंद्र यादव यादव समाज का मजबूत प्रतिनिधित्व करते हैं। दुर्ग संभाग से उनकी एंट्री को भाजपा सामाजिक समीकरण साधने और पिछड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
तीसरे मंत्री पर सस्पेंस
मंत्रिमंडल विस्तार में तीसरे मंत्री के नाम को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। भाजपा हाईकमान इस पर अंतिम फैसला करेगा। राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा है—
रायपुर संभाग से राजेश मूणत या अजय चंद्राकर – दोनों ही वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, संगठन में गहरी पकड़ रखते हैं।
बस्तर से किरण सिंहदेव या लता उसेंडी – बस्तर को प्रतिनिधित्व देने की चर्चा भी तेज है, ताकि आदिवासी क्षेत्र में भाजपा की पकड़ और मजबूत हो।
अन्य संभावित नाम – विक्रम उसेंडी और सुनील सोनी का नाम भी दावेदारों में है। सुनील सोनी को “वाइल्ड कार्ड एंट्री” के रूप में देखा जा रहा है।
अभी तक किसी एक नाम पर मुहर नहीं लगी है। तीसरे मंत्री का चयन जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
कार्यक्रम का शेड्यूल
सूत्रों के मुताबिक अमर अग्रवाल शाम 5:30 बजे तक राजभवन पहुंचेंगे। गजेंद्र यादव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ दुर्ग से सीधे राजभवन जाएंगे। मुख्यमंत्री इस समय दुर्ग में हैं और वहीं से यादव के साथ रायपुर रवाना होंगे। शपथ ग्रहण समारोह शाम 6 से 7 बजे के बीच निर्धारित हो सकता है।
राजनीतिक महत्व
इस मंत्रिमंडल विस्तार को भाजपा की आगामी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय संतुलन : बिलासपुर, दुर्ग और संभावित रूप से बस्तर/रायपुर से प्रतिनिधित्व।
जातीय समीकरण : ओबीसी (यादव समाज), बनिया समाज, और संभवतः महिला/आदिवासी समाज को प्रतिनिधित्व।
भविष्य की राजनीति : 2028 विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक संतुलन को साधने का प्रयास।
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