अम्बिकापुर-मनेंद्रगढ़ मार्ग पर स्थित कुरुवा गाँव बना ‘शुगर हब’, 50 दुकानों पर बिना मिलावट मिल रही प्राकृतिक ताजगी
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सूरजपुर। अगर आप अम्बिकापुर से मनेंद्रगढ़ की ओर जा रहे हैं, तो सूरजपुर जिला मुख्यालय से ठीक 5 किलोमीटर पहले अपनी गाड़ी की रफ्तार धीमी कर लीजिए। यहाँ का कुरुवा गाँव इन दिनों राहगीरों के लिए केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि शुद्धता और मिठास का एक बड़ा केंद्र बन गया है। गर्मी की तपिश बढ़ते ही यहाँ सड़क किनारे गन्ने के रस का एक अनूठा बाजार सज गया है, जहाँ प्राकृतिक स्वाद के शौकीनों का हुजूम उमड़ रहा है।

बिना बर्फ का रस: यहाँ की सबसे बड़ी खासियत
आज के दौर में जहाँ हर शीतल पेय बर्फ और मिलावट के भरोसे है, वहीं कुरुवा गाँव के किसानों ने ‘शुद्धता’ को अपना ब्रांड बनाया है। यहाँ के गन्ने रस की सबसे खास बात यह है कि इसमें बर्फ का एक टुकड़ा भी नहीं डाला जाता। सीधे मशीन से निकला ठंडा और ताज़ा रस गिलास में परोसा जाता है, जो सेहत और स्वाद दोनों के लिहाज से बेमिसाल है।
खेतों से सीधे गिलास तक का सफर
कुरुवा गाँव का हर घर गन्ने की खेती से जुड़ा है। यहाँ के मेहनतकश किसान अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा सूरजपुर के केरता स्थित माँ महामाया शक्कर कारखाने को भेजते हैं, लेकिन बचे हुए गन्ने को वे सड़क किनारे करीब 50 दुकानों के माध्यम से सीधे ग्राहकों तक पहुँचाते हैं।
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