भरतपुर-सोनहत के 47 गाँवों में टावर नहीं, घोषणा हवा हुई
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में, राज्य की राजनीति का एक अप्रत्याशित दृश्य तब सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री भरतपुर सोनहत विधायक रेणुका सिंह ने, सदन में अपने पहले ही प्रश्न से, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार पर सीधा हमला बोल दिया। मुख्यमंत्री पद की दावेदार रहीं और कड़े मुकाबले में कांग्रेस के दिग्गज को हराकर विधानसभा पहुँची रेणुका सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र भरतपुर-सोनहत में ‘मुख्यमंत्री टॉवर योजना’ के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए, 337 गाँवों में से 47 गांवों में टॉवर लगाने की घोषणा और ग्राउंड रियलिटी के बीच के भारी अंतर को उजागर किया। यह प्रश्न इसलिए भी महत्वपूर्ण बन गया है क्योंकि रेणुका सिंह को मुख्यमंत्री पद न दिए जाने के बाद, सत्ता पक्ष की ओर से यह पहला ‘विद्रोह’ का स्वर माना जा रहा है।
डेटा बनाम दावा: विरोधाभासी आंकड़ों पर सदन में बहस
विधायक रेणुका सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में संचार व्यवस्था से जुड़ा प्रश्न उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा भरतपुर-सोनहत के 337 गाँवों में 47 गांव में टॉवर लगाने की घोषणा को याद दिलाया और सरकारी विभागों के विरोधाभासी आंकड़ों को सदन के समक्ष रखा।
- मूल घोषणा: रेणुका सिंह ने सीएम के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें 337 गाँवों में से 47 मोबाइल टॉवर लगाने की बात कही गई थी।
- कलेक्टर का रिकॉर्ड: उन्होंने बताया कि कलेक्टर के दस्तावेज़ में उनके क्षेत्र के 125 गाँवों में मोबाइल नेटवर्क नहीं है।
- सरकारी स्वीकारोक्ति: मुख्यमंत्री के जवाब से यह सामने आया कि विधानसभा क्षेत्र के 47 गाँवों में अभी भी मोबाइल टावर नहीं लगे हैं।
रेणुका सिंह ने तंज कसते हुए पूछा, “मैं कैसे मानूँ, या तो 337 गाँव में 47 टावर नहीं हैं, या फिर 47 गाँव में 125 में मोबाइल टावर नहीं है।”
रेणुका सिंह का कड़ा संदेश: क्षेत्र के लिए कोई समझौता नहीं
विधानसभा चुनाव के दौरान, रेणुका सिंह के समर्थकों ने उन्हें भावी मुख्यमंत्री बताते हुए ‘सीएम दीदी’ के नारे लगाए थे। हालांकि, मुख्यमंत्री या मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने के बाद भी, रेणुका सिंह ने अपने पहले ही प्रश्न से यह स्पष्ट कर दिया कि वह अपने क्षेत्र की आवाज बनकर रहेंगी।
- राजनीतिक संकेत: राजनीतिक गलियारों में इस प्रश्न को रेणुका सिंह द्वारा विकास के मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
- जनजातीय हित: उन्होंने केंद्र की ‘जनमन योजना’ का हवाला देते हुए मांग की कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा की तरह ही संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द से जल्द टॉवर लगाए जाने चाहिए, ताकि जनजातीय क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित हो।
सीएम का जवाब: 7 नए टॉवर हुए चालू
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की ओर से जवाब दिया गया कि 47 गाँवों में टावर नहीं हैं। उन्होंने मौजूदा कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि:
- पहले 5 टॉवर के लिए पत्र लिखा गया था।
- 11 दिसंबर को मिली 513 टॉवरों की स्वीकृति में से 7 टॉवर भरतपुर-सोनहत के लिए शामिल हैं, जो अब चालू हो चुके हैं।
रेणुका सिंह के इस ‘जीरो आवर’ जैसे प्रश्न ने सिद्ध कर दिया है कि सत्ता पक्ष में भी क्षेत्रीय विकास को लेकर असंतोष पनप रहा है, जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना होगा।
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