नए डीएफओ ने चार्ज लेते ही रेंजरों की बुलाई बैठक, वन विभाग के कर्मचारियों के साथ की परिचयात्मक बैठक
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ वन विभाग में हुए हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद मनेंद्रगढ़ वन मंडल को नया नेतृत्व मिल गया है। सोमवार शाम मनीष कश्यप (IFS) के निलंबन के बाद, मंगलवार दोपहर 2022 बैच के होनहार आईएफएस अधिकारी चंद्र कुमार अग्रवाल ने आधिकारिक रूप से मनेंद्रगढ़ वनमंडलाधिकारी (DFO) का पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही अग्रवाल एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने वन विभाग के रेंजरों और अन्य अधिकारियों के साथ एक औपचारिक परिचयात्मक बैठक की, जिसमें भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई।
आईआईटीयन और प्रदेश टॉपर: उपलब्धियों से भरा रहा है सफर
चंद्र कुमार अग्रवाल की पहचान केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक विलक्षण प्रतिभा के धनी छात्र के रूप में भी रही है:
- शिक्षा: उन्होंने प्रतिष्ठित IIT वाराणसी से वर्ष 2016 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।
- शैक्षणिक रिकॉर्ड: वह अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान दसवीं की परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान (टॉपर) रह चुके हैं।
- IFS परीक्षा: उन्होंने वर्ष 2021 की भारतीय वन सेवा परीक्षा में देशभर में 35वीं रैंक हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया।
- पिछला अनुभव: इससे पहले वे बिलासपुर में अनुसंधान एवं विस्तार प्रभाग में जिला वन अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। यह पहली बार है जब उन्हें किसी पूर्ण वन मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पर्यटन और पौधारोपण पर रहेगा विशेष जोर
मूल रूप से मध्य प्रदेश के शिवपुरी के एक व्यावसायिक परिवार से आने वाले चंद्र कुमार अग्रवाल ने अपनी कार्यशैली को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं। वे अनुशासन और समयबद्धता के लिए जाने जाते हैं और अपनी सफलता का श्रेय ध्यान (Meditation) को देते हैं।
पदभार ग्रहण करने के बाद नई पहल से चर्चा करते हुए आईएफएस चंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा,



मनेंद्रगढ़ का क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वनों से आच्छादित है। यहाँ पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मेरी प्राथमिकता ‘फॉसिल्स पार्क’ के विकास के साथ-साथ वृक्षारोपण अभियानों को नई गति देना और वन विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है।
— चंद्र कुमार अग्रवाल, नवनियुक्त डीएफओ, मनेंद्रगढ़
चुनौतियां और नई उम्मीदें
मनेंद्रगढ़ वन मंडल के लिए यह नया नेतृत्व एक नई ऊर्जा लेकर आया है। स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि एक युवा और तकनीकी रूप से दक्ष (IITian) अधिकारी के आने से वन संरक्षण और हाथियों व अन्य वन्यजीवों के प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का समावेश होगा।




