The specified slider id does not exist.

Video : बड़ी खबर : सुशासन की गूंज : जब मुख्यमंत्री ने खुद लगाया ‘कॉल बैक’, एक फोन पर बच गई सैंकड़ों गरीबों की रोजी-रोटी

Share this post:

सुबह का ‘मिस कॉल’ और शाम को मुख्यमंत्री का संवाद; आनंद जायसवाल की सक्रियता से भरतपुर के वन भूमि काबिज व्यापारियों को मिला अभयदान

नई पहल न्यूज नेटवर्क। भरतपुर। सत्ता की चौखट और आम आदमी के बीच की दूरी जब सिमट जाए, तो उसे ही ‘सुशासन’ कहते हैं। भरतपुर के एक छोटे से गांव भगवानपुर के युवा नेता आनंद जायसवाल और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बीच हुई 1 मिनट 2 सेकेंड की बातचीत आज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय है। यह महज एक फोन कॉल नहीं था, बल्कि उन दर्जनों गरीब व्यापारियों के लिए जीवनदान था, जिनकी आजीविका पर वन विभाग का ‘बुलडोजर’ चलने वाला था।

10:57 AM पर ‘उम्मीद’ का कॉल, 07:33 PM पर ‘न्याय’ का कॉल बैक

​घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब आनंद जायसवाल ने वन विभाग की मनमानी से त्रस्त होकर मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुँचाने की ठानी।

  • सुबह 10:57 बजे: आनंद ने मुख्यमंत्री के नंबर पर कॉल किया, लेकिन व्यस्तता के कारण संपर्क नहीं हो सका।
  • शाम 07:33 बजे: जब मुख्यमंत्री को समय मिला, तो उन्होंने एक सजग मुखिया की तरह खुद आनंद जायसवाल को कॉल बैक किया।

​एक सामान्य कार्यकर्ता के मोबाइल की घंटी बजी और दूसरी तरफ प्रदेश के मुखिया थे। आनंद ने बिना वक्त गंवाए मुख्यमंत्री को बताया कि कैसे वन विभाग पिछले 20 सालों से काबिज उन छोटे दुकानदारों को बिना नोटिस उजाड़ रहा है, जो टपरियां बनाकर अपना पेट पाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पूरी बात को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना और तुरंत आश्वासन दिया कि किसी भी गरीब के साथ अन्याय नहीं होगा।

वन विभाग की ‘एकतरफा’ कार्रवाई पर बरसेगा न्याय का पहरा

​गौरतलब है कि वन विभाग ने हाल ही में बिना किसी वैधानिक नोटिस के कई गरीबों की टपरियां हटा दी थीं और बाकी को कुछ ही दिनों का अल्टीमेटम दिया था। 20 वर्षों से जमीन पर काबिज इन लोगों के पास रोजगार का कोई दूसरा साधन नहीं है। आनंद जायसवाल की इस सफल मध्यस्थता के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि विभाग की मनमानी रुकेगी और गरीबों के आशियाने सुरक्षित रहेंगे।

सादगी ने जीता दिल: “मेरा मुख्यमंत्री, मेरा अभिमान”

आनंद जायसवाल ने इस गौरवपूर्ण क्षण को साझा करते हुए कहा, एक सामान्य कार्यकर्ता के लिए यह अविश्वसनीय अनुभव है। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ मेरा फोन वापस किया, बल्कि एक-एक बिंदु को गौर से सुना। यह इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान सरकार में अंतिम व्यक्ति की सुनवाई हो रही है। अब भरतपुर का कोई भी गरीब बेघर नहीं होगा।

About The Author

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

RO No. 13820/1

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Nayi Pahal News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail