‘विकसित भारत के लिए ग्रामोदय’ शिविर में एमसीबी के जिला पंचायत सदस्य ने छोड़ी अमिट छाप, रेणुका सिंह की सुपुत्री मोनिका सिंह समेत कई दिग्गज रहे मौजूद।
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। महाराष्ट्र के ठाणे स्थित ‘रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी’ संस्थान में आयोजित “विकसित भारत के लिए ग्रामोदय” नेतृत्व क्षमता विकास प्रशिक्षण शिविर उस समय छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में सराबोर हो गया, जब मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के जिला पंचायत सदस्य भगत बाबू मंच पर पहुँचे। प्रशिक्षण के बीच अपनी गायिकी का जादू बिखेरते हुए भगत बाबू ने जैसे ही लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी लोकगीत “सूपा डोलत हे छक लड़ लड़…” की तान छेड़ी, पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सरगुजा संभाग के प्रतिनिधियों का नेतृत्व विकास
9 से 14 फरवरी तक चलने वाले इस ‘तीसरे बैच’ के प्रशिक्षण शिविर में सरगुजा संभाग के जिला पंचायत सदस्यों को ग्रामीण विकास और नेतृत्व के गुर सिखाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायतों को सशक्त बनाना है। इसी क्रम में भगत बाबू ने न केवल एक सजग प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।
दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश की राजनीति के कई युवा और प्रभावशाली चेहरे भी शामिल रहे। विशेष रूप से:
- अधिवक्ता मोनिका सिंह: पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह की सुपुत्री एवं सूरजपुर जिले की जिला पंचायत सदस्य मोनिका सिंह ने भी यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- सरगुजा संभाग के सदस्य: संभाग भर के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने इस शिविर में हिस्सा लेकर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने की शपथ ली।
गायिकी ने जीता सबका दिल
प्रशिक्षण के गंभीर माहौल के बीच भगत बाबू की प्रस्तुति ने एक नई ऊर्जा का संचार किया। उपस्थित सदस्यों का कहना था कि भगत बाबू ने अपनी अमिट छाप छोड़ते हुए यह साबित कर दिया कि एक राजनेता होने के साथ-साथ वे अपनी माटी की कला और संस्कृति के प्रति भी पूरी तरह समर्पित हैं।








बहुत सुंदर भगत बाबू जी सरगुजा संभाग का नाम आप अपने गायन कला के माध्यम से हमेशा ऊंचा किए है और करते रहेंगे बहुत बहुत बधाई शुभकामनाएं 🙏