नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़/बैकुंठपुर। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के नवगठित जिला एमसीबी और कोरिया जिले में एक साथ मोर्चा खोल दिया है। दोनों ही जिलों के मुख्यालयों में आयोजित धमाकेदार प्रेसवार्ताओं में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस नेताओं ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल दागा कि जब इस पूरे ट्रस्ट का गठन पीएमओ की सीधी देखरेख में हुआ है, तो देश के करोड़ों आस्थावानों के पैसे में हुई इस बड़ी हेरफेर की अंतिम जवाबदेही आखिर किसकी है?
मनेंद्रगढ़: पूर्व विधायक विनय जायसवाल ने संभाला मोर्चा, दिग्गज कांग्रेसी रहे मौजूद
एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ के जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष रूप से नियुक्त प्रभारी और मनेंद्रगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने संबोधित किया। उन्होंने कहा मैने भी 51 हजार रुपए चंदा दिया है।
डॉ. जायसवाल ने बेहद आक्रामक अंदाज में चंदा चोरी के आरोपों को उजागर करते हुए कहा कि आस्था के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई को लूटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान मंच पर कांग्रेस की आक्रामकता साफ दिखाई दी। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले दिग्गजों में शामिल थे:
- अशोक श्रीवास्तव (जिलाध्यक्ष)
- कृष्ण मुरारी तिवारी (पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष)
- सौरभ मिश्रा (ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष)
- व्यंकटेश सिंह (पूर्व न्यायाधीश)
- रफीक मेमन, स्नेहिल शुक्ला, भावेश जैन, सैफ नियाज़ी, निखिल यादव, शिवम सिंह समेत भारी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता।
कोरिया: पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने घेरी केंद्र सरकार
इसी रणनीति के तहत पड़ोसी जिले कोरिया के बैकुंठपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में भी एक बड़ी प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। यहाँ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से नियुक्त प्रभारी और भरतपुर-सोनहत विधानसभा के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कमान संभाली।
गुलाब कमरो ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर के नाम पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं ने समर्पण राशि दी थी, लेकिन आज उसी राशि में पारदर्शिता गायब है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि देश के करोड़ों सनातनियों की आस्था के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।
सबसे बड़ा सवाल: “जब PMO की देखरेख में बना ट्रस्ट, तो जवाबदेही से क्यों भाग रही सरकार?”
दोनों ही जिलों की प्रेसवार्ता में कांग्रेस का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री कार्यालय पर रहा। कांग्रेस प्रभारियों ने दो टूक कहा कि चूंकि इस पूरे ट्रस्ट की रूपरेखा और गठन प्रधानमंत्री कार्यालय की सीधी निगरानी में हुआ था, इसलिए इस चंदा चोरी मामले की नैतिक और कानूनी जवाबदेही भी सीधे केंद्र सरकार की बनती है। सरकार को सामने आकर देश को जवाब देना होगा कि आस्था के धन में यह सेंधमारी कैसे और किसके शह पर हुई।
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