नाज़ुक मुद्दों पर संकोच का पहरा : 2022 से इंसाफ के लिए भटक रही हैं बेटियाँ
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़ |नवगठित मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में महिलाओं की अस्मिता, सुरक्षा और न्याय के अधिकार को लेकर एक बड़ी राजनीतिक व सामाजिक सुगबुगाहट शुरू हो गई है। वर्ष 2022 में जिले के वजूद में आने के बाद से अब तक पृथक ‘महिला थाना’ की स्थापना न होना अब महिलाओं के सब्र का बांध तोड़ रहा है।
बुधवार को जिला कांग्रेस महामंत्री पूनम सिंह के नेतृत्व में महिला नेत्रियों के एक मजबूत प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह से मुलाकात कर अपनी वर्षों पुरानी जायज मांग का ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग रखी।
आम थानों में संकोच, खामोश रह जाते हैं दर्द के अफसाने
ज्ञापन सौंपते हुए प्रतिनिधिमंडल ने जिले की दुखती रग पर हाथ रखा। उन्होंने उजागर किया कि:
- असहज माहौल का डर: घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़, साइबर क्राइम और लैंगिक अपराधों से पीड़ित महिलाएं सामान्य थानों में भारी हिचकिचाहट और संकोच के कारण अपनी बात खुलकर नहीं रख पातीं।
- संवेदनशीलता का अभाव: समर्पित व्यवस्था न होने से पीड़िताओं को त्वरित और सहानुभूतिपूर्ण मार्गदर्शन नहीं मिल पाता, जिससे कई मामले दर्ज होने से ही छूट जाते हैं।
“एक महिला अधिकारी ही समझेगी महिला का दर्द” — पूनम सिंह
पुलिस कप्तान से मुलाकात के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए पूनम सिंह ने बेहद प्रखर अंदाज़ में अपनी बात रखी:
महिला थाना केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि पीड़ित नारी के लिए अटूट विश्वास, संबल और न्याय का सुरक्षित आशियाना होता है। हमें खुशी है कि हमारे जिले की कमान खुद एक महिला अधिकारी SP रत्ना सिंह के हाथों में है। वे महिलाओं की पीड़ा और संकोच को गहराई से समझती हैं। हमें पूरा भरोसा है कि वे इस मांग को शासन और पुलिस मुख्यालय तक मजबूती से पहुंचाकर अंजाम तक पहुंचाएंगी।
पूनम सिंह ने दोटूक शब्दों में कहा कि MCB जिले की हज़ारों महिलाओं के न्याय की यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है। जब तक जिले में महिला थाने का शुभारंभ नहीं हो जाता, कांग्रेस पार्टी जनहित के इस मुद्दे पर पूरी ताकत से मैदान में डटी रहेगी।

महिला थाना क्यों है जिले की ‘प्राइम नीड’?
- बिना झिझक त्वरित शिकायत: केवल महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी से पीड़िताओं को अपनी आपबीती बताने में आसानी होगी।
- सशक्त काउंसलिंग सेंटर: पारिवारिक विवादों को कोर्ट-कचहरी से पहले बातचीत और संवेदनशीलता से सुलझाने का बेहतरीन मंच।
- साइबर और संगीन अपराधों पर नकेल: महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों की विशेष और त्वरित जांच।
महिला शक्ति का दिखा एकजुट चेहरा
इस महत्वपूर्ण मुहिम के दौरान जिले की वरिष्ठ महिला नेत्रियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद की। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से:
- पूनम सिंह (जिला कांग्रेस महामंत्री)
- निर्मला चतुर्वेदी (पूर्व महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष)
- रूमा चटर्जी (पूर्व महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष)
- रुक्मणी खोबरागड़े (वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री)
- शोभना वर्मा (पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष)
- हमीदा खातून (पूर्व पार्षद)
- बबीता यादव (पूर्व पार्षद)
समेत महिला कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
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