स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की पहल रंग लाई; CM विष्णुदेव साय और PWD मंत्री अरुण साव ने दी हरी झंडी
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर / खड़गवां। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों को पंख लगाने तथा सड़क एवं अधोसंरचना निर्माण में गुणवत्ता और कसावट लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) का बड़ा प्रशासनिक विस्तार किया है। क्षेत्रीय जनभावनाओं और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्यामबिहारी जायसवाल के सतत प्रयासों और पहल पर राज्य सरकार ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के खड़गवां और कोरिया के सोनहत में लोक निर्माण विभाग के नवीन उप संभागीय (SDO) कार्यालय की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव के इस निर्णय से खड़गवां सहित पूरे अंचल में हर्ष की लहर है। अब क्षेत्र वासियों को छोटे-बड़े विभागीय कार्यों, सड़क एवं भवन निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने जताया आभार:
“खड़गवां और सोनहत जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में पीडब्ल्यूडी उप संभाग कार्यालय की स्वीकृति से अंचल के विकास को नई दिशा मिलेगी। क्षेत्र की जनता की यह पुरानी मांग थी, जिसे माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी और उपमुख्यमंत्री व PWD मंत्री अरुण साव जी ने प्राथमिकता से पूरा किया है।”
प्रदेशभर में PWD का बड़ा नेटवर्क विस्तार: 19 नए कार्यालयों को हरी झंडी
राज्य सरकार ने केवल सड़कों और भवनों के लिए ही नहीं, बल्कि नदी-नालों पर पुल-पुलियों के त्वरित निर्माण के लिए सेतु परिक्षेत्र (Bridge Wing) का भी बड़ा विस्तार किया है। कुल 16 उप संभागीय, 2 संभागीय और 1 सेतु मंडल कार्यालय की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
दूरस्थ क्षेत्रों के लिए साबित होगा ‘गेम चेंजर’
बस्तर से लेकर सरगुजा संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में इन नए कार्यालयों और उनके नए सेट-अप (कर्मचारियों की नियुक्ति) से निर्माण कार्यों की लेती-लतीफी खत्म होगी। बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा, ओरछा और कोंडागांव जैसे संवेदनशील एवं दूरस्थ क्षेत्रों में PWD और सेतु कार्यालयों की सीधी उपस्थिति से आधारभूत ढांचे का तेजी से कायाकल्प होगा।
खड़गवां अंचल में विकास की गति होगी दोगुनी
खड़गवां में लोक निर्माण विभाग का नया उप संभागीय कार्यालय खुलने से क्षेत्र में चल रहे और आगामी निर्माण कार्यों की सतत निगरानी संभव हो सकेगी।
- निर्माण कार्यों में आएगी तेजी: सड़कों, शासकीय भवनों और सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा होगा।
- कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण: स्थानीय स्तर पर अधिकारी मौजूद रहने से गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और विभागीय कसावट आएगी।
- जनता को मिलेगी राहत: क्षेत्रवासियों को अपनी समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए जिला मुख्यालय या दूरस्थ दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
- 1. भवन एवं सड़क (Civil Wing) के 10 नए कार्यालय:
- कार्यपालन अभियंता कार्यालय: बैकुंठपुर (कोरिया संभाग)
- उप संभागीय कार्यालय (SDO Office): खड़गवां, सोनहत, फरसगांव, ओरछा, डोंगरगांव, डौंडी, धमधा, आरंग और बलौदाबाजार।
- 2. सेतु परिक्षेत्र (Bridge Wing) के 9 नए कार्यालय:
- अधीक्षण अभियंता कार्यालय: जगदलपुर
- कार्यपालन अभियंता कार्यालय: रायपुर (सेतु संभाग क्रमांक-2)
- सेतु उप संभाग (SDO) कार्यालय: बैकुंठपुर, बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, बालोद, मुंगेली और सारंगढ़।
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