तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही महिला से सीएम ने की आत्मीय बातचीत; महतारी वंदन और जनधन योजना के जमीनी असर को खुद परखा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर उस वक्त लोग चौंक गए, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे के पास जाकर रुका। रोज की तरह अपने पसरे पर मिट्टी के दीये सजाकर ग्राहकों का इंतजार कर रही मीरा के लिए यह पल बेहद खास बन गया। मुख्यमंत्री ने न केवल मीरा से आत्मीयता से हालचाल पूछा, बल्कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए उससे मिट्टी का एक दीया खरीदा और उसके श्रम व स्वाभिमान का सम्मान करते हुए ₹1000 की राशि भेंट की।
सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सीधी बात
बिना किसी औपचारिक तामझाम के मुख्यमंत्री ने मीरा से बातचीत कर सरकारी योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उसका बैंक खाता खुल चुका है और राज्य सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ के जरिए उसे हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता सीधे खाते में मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने इस पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार हुआ है। योजनाओं की सफलता तभी है, जब उनका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक सहजता और पारदर्शिता से पहुंचे।
स्थानीय श्रम और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले विक्रेता, कुम्हार और स्थानीय कारीगर ही ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की असली ताकत हैं। जब हम स्थानीय विक्रेताओं से सामान खरीदते हैं, तो यह सिर्फ खरीददारी नहीं बल्कि उनके परिवार की आजीविका और आत्मसम्मान को संबल देने का प्रयास होता है।
“दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा सा दीया अंधकार दूर करता है, वैसे ही समाज में सेवा का एक छोटा सा प्रयास बड़े बदलाव का मार्ग प्रशस्त करता है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘आशीर्वाद का दीया’ का आगाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के समर्पण को रेखांकित करते हुए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया यह दीया इसी अभियान के ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का मुख्य प्रतीक बनेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की मदद और स्थानीय उत्पादों को अपनाकर इस अभियान में जनभागीदारी निभाएं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा भी मौजूद रहे।
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