नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति की मासिक बैठक इस बार बेहद सख्त, आक्रामक और निर्णायक मोड़ पर समाप्त हुई। सभापति सुखमंती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस मेगा बैठक में कृषि और उससे जुड़े सभी 7 प्रमुख विभागों—कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, भूमि संरक्षण, वाटरशेड और सहकारिता—के उच्च अधिकारियों को एक साथ तलब किया गया। सभापति ने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि किसान अन्नदाता है, उसके हक में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महकमों की खिंचाई: 7 विभागों की बिंदुवार समीक्षा और कड़े निर्देश
बैठक के दौरान सभापति ने प्रत्येक विभाग के कामकाज का अलग-अलग लेखा-जोखा लिया और जमीन पर परिणाम देने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए:
- कृषि विभाग: खरीफ फसलों की गिरदावरी रिपोर्ट की गहन समीक्षा की गई। सोसाइटियों में पर्याप्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी में लिप्त तत्वों पर सीधे FIR दर्ज कराने का हुक्म दिया गया। साथ ही पीएम किसान और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश मिले।
- पशुधन विकास विभाग: जिले में टीकाकरण अभियान को गति देने तथा गौठानों में चारा, पानी और पशु चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य करने को कहा गया। पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने वाली योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य तय हुआ।
- मत्स्य विभाग: तालाब पट्टा वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर बल दिया गया। मत्स्य बीज वितरण, जाल व नौका अनुदान से जुड़े लंबित मामलों को 7 दिनों के भीतर निपटाने की समय-सीमा दी गई।
- जल संसाधन विभाग: नहरों की सफाई करवाकर अंतिम छोर (टेल एरिया) तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए। निर्माणाधीन स्टॉप डैम और एनीकट की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया।
- भूमि संरक्षण एवं वाटरशेड विभाग: पहाड़ी इलाकों में मृदा अपरदन (भूमि कटाव) रोकने के लिए चेक डैम, कंटूर ट्रेंच और व्यापक पौधरोपण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण के कार्यों को मनरेगा के साथ जोड़कर प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।
- सहकारिता विभाग: किसानों को शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज पर ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने और डिफाल्टर समितियों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश मिला। इसके अतिरिक्त, आगामी धान खरीदी की पूर्व तैयारियों की अभी से रूपरेखा बनाने को कहा गया।
अंतिम चेतावनी: ‘अगली बैठक में रिपोर्ट नहीं, धरातल पर परिणाम चाहिए’
तमाम विभागों के अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए सभापति सुखमंती सिंह ने कहा:
“सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर काम करें। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जिले के अंतिम किसान तक हर हाल में पहुंचना चाहिए। अगली समीक्षा बैठक में मुझे कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि जमीन पर उतरा हुआ काम दिखना चाहिए।”
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में कृषि स्थाई समिति के सभी सम्मानित सदस्य, उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा, सहायक संचालक मत्स्य, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, उप संचालक भूमि संरक्षण, वाटरशेड अधिकारी तथा सहकारिता विभाग के प्रमुख अधिकारियों सहित जिला प्रशासन के कई कर्मचारी उपस्थित रहे।
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