‘आवा पानी झोंकी’ अभियान को राष्ट्रीय पहचान के बाद अब जन-जन तक ले जाने की तैयारी, जिला पंचायत सीईओ ने मैदानी अमले को थमाया जल संरक्षण का रोडमैप
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरिया | जिले के प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और भविष्य के जल संकट से निपटने के लिए जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने एक निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जिला पंचायत के ‘मंथन’ कक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पूरे अमले को स्पष्ट कर दिया कि जल संरक्षण अब केवल सरकारी एजेंडा नहीं, बल्कि कोरिया के हर नागरिक की जिम्मेदारी होगी।

डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के ‘मिशन वाटर’ के मुख्य बिंदु :
- खेत की नमी, किसान की प्रगति: सीईओ ने निर्देश दिए कि जिले के हर किसान को ‘5 परसेंट मॉडल’ से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसान अपने खेत के छोटे से हिस्से में जल संग्रहण संरचना बना ले, तो वर्षा का व्यर्थ बहने वाला पानी भूमिगत होगा और रबी फसलों के लिए खेत में नमी बनी रहेगी।
- हर घर में ‘सोखता गड्ढा’ अनिवार्य: डॉ. चतुर्वेदी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले प्रत्येक नए मकान में एक सोखता गड्ढा जरूर बनाया जाए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “छत पर गिरने वाली हर बूंद कीमती है, इसे बचाना हमारी मजबूरी नहीं, हमारी जिम्मेदारी है।”
- आवास निर्माण में लाएं तेजी: सीईओ ने मैदानी अमले को समझाया कि फसल बेचने के बाद अभी किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत है और मौसम भी अनुकूल है। यही सही समय है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण कराया जाए।
स्वच्छ जल आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती है। अगर हम आज जागरूक नहीं हुए और जल संरक्षण को आंदोलन नहीं बनाया, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी।
— डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत कोरिया
समीक्षा का नया अंदाज: अब हर हफ्ते होगी सीधी बात
प्रशासनिक कसावट लाने के लिए सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने नई व्यवस्था लागू की है। अब वे हर सप्ताह सीधे ग्राम पंचायत की टीमों से संवाद करेंगे। इसमें जन मन आवास और अन्य ग्रामीण आवास योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। समय पर जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हितग्राहियों को भुगतान में कोई देरी न हो। इस बैठक में जनपद सीईओ, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, सचिव और रोजगार सहायक उपस्थित रहे, जिन्हें डॉ. चतुर्वेदी ने पूरी ऊर्जा के साथ इस अभियान को सफल बनाने का मंत्र दिया।







