The specified slider id does not exist.

बड़ी खबर : सफेदपोश’ तस्कर और ‘सत्ता’ का गलियारा ! पूर्व विधायक गुलाब कमरो का बड़ा सवाल क्या विधायक रेणुका सिंह की सरपरस्ती में फल-फूल रहा है मौत का कारोबार ?

Share this post:

तस्वीरें जो सच उगल रही हैं : एक तरफ विधायक का वरदहस्त, दूसरी तरफ बेजुबानों की तस्करी !

नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरिया/सोनहत। भरतपुर-सोनहत की सियासी फिजाओं में इस वक्त ‘भैंसा तस्करी’ की दुर्गंध और ‘सत्ता के रसूख’ की गर्माहट एक साथ महसूस की जा रही है। सोनहत पुलिस की कार्रवाई ने महज 17 भैंसे बरामद नहीं किए हैं, बल्कि उस ‘पॉलिटिकल सिंडिकेट’ के चेहरे से नकाब हटा दिया है जो दिन के उजाले में ‘संस्कार’ की बातें करता है और रात के अंधेरे में बेजुबानों को मौत के घाट उतारने के लिए झारखंड सप्लाई करता है।

तस्वीरों का ‘ट्रेलर’, तस्करी की ‘पूरी फिल्म’

​सोशल मीडिया पर वायरल होती तस्वीरों ने भाजपा खेमे में खलबली मचा दी है। इन तस्वीरों में मुख्य आरोपी भाजपा नेता पी.पी. सिंह, क्षेत्रीय विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह के ठीक बगल में मुस्कुराता नजर आ रहा है।

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस ‘जुगलबंदी’ पर सीधा प्रहार करते हुए कहा:

यह महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गठजोड़ है। जो चेहरा विधायक महोदया के हर बड़े कार्यक्रम की शोभा बढ़ाता है, वह सलाखों के पीछे होने के बजाय पुलिस की फाइलों में ‘फरार’ है। क्या रेणुका सिंह जी की तस्वीरों का इस्तेमाल पुलिस को डराने और तस्करी का साम्राज्य चलाने के लिए किया जा रहा है ?

पुलिस की ‘पिक्चर’ अभी बाकी है: रसूखदारों को ‘क्लीन चिट’ की तैयारी ?

​जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल पुलिस की ‘सेलेक्टिव कार्रवाई’ पर उठ रहा है। पुलिस ने प्रेस नोट में बड़े-बड़े अक्षरों में कार्रवाई का बखान किया, लेकिन जब फोटो जारी की गई तो उसमें सिर्फ एक लाचार मजदूर (बहादुर सिंह) दिखा।

  • गायब चेहरा: आखिर क्यों विधायक के करीबी पी.पी. सिंह का फोटो पुलिस रिकॉर्ड से नदारद है?
  • अदृश्य दबाव: क्या सोनहत पुलिस का कैमरा ‘सत्ता के पावर’ से धुंधला गया है? नामजद एफआईआर के बाद भी भाजपा नेता की तस्वीर छिपाना दाल में काले की ओर नहीं, बल्कि ‘पूरी दाल ही काली’ होने का इशारा है।

हिंदुत्व की आड़ में ‘खून’ का धंधा ?

​भरतपुर-सोनहत की जनता अब पूछ रही है कि क्या यही वह ‘राम राज्य’ है जिसका वादा चुनाव में किया गया था? गुलाब कमरो ने जलते हुए सवाल दागे हैं:

  1. नैतिकता कहाँ है? क्या विधायक रेणुका सिंह इस तस्कर नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएंगी?
  2. कैसा संरक्षण? क्या आरोपी को विधायक निवास से ‘अभयदान’ मिला हुआ है, जो वह अब तक पुलिस की पहुंच से दूर है?
  3. दोहरा चरित्र: भाजपा एक तरफ गौ-वंश की बात करती है, और दूसरी तरफ उनके ही सिपहसालार ‘भैंसा तस्करी’ के सरगना निकले।

साख दांव पर, खामोशी क्यों ?

​विधायक रेणुका सिंह की चुप्पी उनके सियासी भविष्य और छवि पर भारी पड़ रही है। जिस विधानसभा में कानून का इकबाल होना चाहिए था, वहां ‘तस्वीरों के रसूख’ पर तस्करी का खेल चल रहा है।

गुलाब कमरो का वार: “जनता गुमराह नहीं होगी। ये तस्वीरें गवाह हैं कि रक्षक ही भक्षक बने बैठे हैं। बेजुबानों की आह इस सत्ता के घमंड को जरूर तोड़ेगी।”

About The Author

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

RO No. 13820/1

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Nayi Pahal News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail