कुर्सी की लड़ाई का ‘क्लाइमेक्स’— हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलते ही शैलेश शिवहरे बोले- ‘सत्यमेव जयते’, महादेव की कृपा से टला संकट!
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति के केंद्र में रहे बैकुंठपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के विवाद का आखिरकार ‘द एंड’ हो गया है। महीनों से चल रही कानूनी रस्साकशी के बाद, माननीय हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए नविता शैलेश शिवहरे के पक्ष में मुहर लगा दी है। कोर्ट ने चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर स्पष्ट कर दिया कि जनमत का फैसला ही सर्वोपरि है।
अदालत का हंटर: विरोधियों की हर दलील हुई फेल
चुनाव परिणाम के बाद से ही विपक्षी खेमे ने कानूनी दांव-पेंच के जरिए नविता शिवहरे को घेरने की हर संभव कोशिश की थी। लेकिन उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी माना। इस फैसले ने न केवल नविता शिवहरे की कुर्सी सुरक्षित की है, बल्कि उनके राजनीतिक कद को और भी ऊंचा कर दिया है।
भावुक पोस्ट और भक्ति का संचार: ‘महादेव के दर पर न्याय’
जैसे ही फैसले की प्रति सार्वजनिक हुई, नविता शिवहरे के पति और कद्दावर व्यक्तित्व शैलेश शिवहरे ने इसे अपनी आस्था और सच्चाई की जीत करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कोर्ट के आदेश को साझा करते हुए भावुक अंदाज़ में लिखा:



“सत्यमेव जयते! भगवान प्रेमशंकर महादेव का आशीर्वाद और देवरहा बाबा सरकार की कृपा का ही फल है कि आज सत्य की विजय हुई है।”
अब विकास की ‘नई पहल’ की बारी
इस कानूनी जीत के बाद अब नगर पालिका में विकास कार्यों की बाधाएं दूर होती दिख रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से विपक्षी खेमे में मायूसी है, वहीं शिवहरे समर्थकों के लिए यह किसी दिवाली से कम नहीं है। अब शहर की सरकार बिना किसी ‘इफ और बट’ के अपने कार्यकाल को पूरा करेगी।




