1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों से बदल रही पंडरिया की तस्वीर, 1300 से अधिक उपभोक्ताओं और किसानों को लो-वोल्टेज की समस्या से मिली स्थायी मुक्ति
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पंडरिया। सेवा, सुविधा और विकास के संकल्प के साथ पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का सिलसिला तेजी से जारी है। इसी कड़ी में क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए विधायक भावना बोहरा ने ग्राम उड़ियाखुर्द (कारेसरा) में 2 करोड़ 38 लाख 13 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित 33/11 के.वी. विद्युत उप केंद्र का भव्य लोकार्पण किया। विधायक के निरंतर प्रयासों से धरातल पर उतरी इस बड़ी सौगात से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इस नए विद्युत उप केंद्र के शुरू होने से न केवल ग्रामीणों को अघोषित बिजली कटौती से राहत मिलेगी, बल्कि किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को दशकों से परेशान कर रही लो-वोल्टेज की समस्या का भी स्थायी समाधान हो जाएगा।
इन गांवों के 1300 उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
इस आधुनिक और नवीन विद्युत उप केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी। इससे सीधे तौर पर लाभान्वित होने वाले प्रमुख गांवों में कारेसरा, उड़ियाखुर्द, उड़ियाकला, दनिया, बनिया, बिरनपुर, बुधवारा, खपरी, सलिहा एवं बचेड़ी शामिल हैं। इन सभी गांवों के 1300 से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को अब बिना किसी व्यवधान के निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। इसके साथ ही, पांडातराई को नवीन उप संभाग का दर्जा मिलने से क्षेत्र में प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज में भी काफी तेजी आई है।
पंडरिया में बिजली संकट दूर करने का पंच
विधायक भावना बोहरा के दूरदर्शी प्रयासों का ही नतीजा है कि अब तक पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 5 विद्युत उप केंद्रों की स्थापना को मंजूरी मिल चुकी है। बिजली के इस नेटवर्क से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प हो रहा है। इसमें उड़ियाखुर्द (कारेसरा) में 2 करोड़ 38 लाख 13 हजार रुपए और बिरनपुर (गांगपुर) में 2 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से बने उप केंद्रों का लोकार्पण संपन्न हो चुका है और ये संचालित हैं। वहीं ग्राम पौनी में 1 करोड़ 13 लाख 29 हजार रुपए, ग्राम कोयलारीडीह में 1 करोड़ 99 लाख 6 हजार रुपए एवं ग्राम भुवालपुर में 1 करोड़ 16 लाख 59 हजार रुपए की लागत से विद्युत उप केंद्र निर्माणाधीन हैं, जो जल्द ही पूरे हो जाएंगे।
डबल इंजन सरकार में हर घर तक पहुंच रही विकास की रोशनी
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य की भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बिजली, सड़क, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को सुदृढ़ कर गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। नवीन विद्युत उप केंद्र के प्रारंभ होने से अन्य उप केंद्रों पर भार कम होगा, जिससे लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस भीषण गर्मी में जनता को बिजली की समस्या न हो, इसके लिए हम लगातार जमीन पर काम कर रहे हैं। ट्रांसफार्मर खराबी, उसे बदलने और पेयजल संकट जैसी शिकायतों को देखते हुए बोर खनन जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी समस्याओं का तत्काल निपटारा किया जाए। हमारा एकमात्र लक्ष्य पंडरिया को सर्वसुविधायुक्त और विकसित विधानसभा बनाना है।
मिनी स्मार्ट सिटी बनेगा पंडरिया, 1000 करोड़ के कार्यों को मंजूरी
क्षेत्र में हो रहे चौतरफा विकास का खाका खींचते हुए भावना बोहरा ने बताया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से बरसों से लंबित परियोजनाओं में तेजी आई है। हाल ही में राज्य सरकार ने नगर पालिका पंडरिया को ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ में शामिल किया है, जिससे इसे ‘मिनी स्मार्ट सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत आधुनिक सड़कें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, पेयजल, ट्रांसपोर्ट, पार्क, आवास, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा, सोलर एनर्जी, जल संरक्षण और ई-गवर्नेंस जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। वर्तमान में पंडरिया विधानसभा के लिए 1000 करोड़ रुपए से अधिक के विकास व अधोसंरचना निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से कई कार्य पूरे हो चुके हैं और बाकी तेजी से पूर्णता की ओर हैं।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह में मुख्य रूप से जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा की अध्यक्ष दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य रोशन दुबे, भाजपा जिला मंत्री राघवेंद्र वर्मा, मंडल अध्यक्ष नरेश साहू, राजेंद्र साहू, जनपद सदस्य सुदर्शन कुम्भकार, दारा सिंह राजपूत, धरमपाल कौशिक, बसंत बोहरा, पिंटू सिंह, राजू पारख, टीकम साहू सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।
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