अमरकंटक से शुरू हुई ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा का भोरमदेव धाम में भव्य समापन; पैरों में माहुर, हाथ में तिरंगा और कांवड़ लिए उमड़ा शिवभक्तों का जनसैलाब
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कबीरधाम। अमरकंटक स्थित माँ नर्मदा के उद्गम स्थल से शुरू हुई 151 किलोमीटर की ऐतिहासिक कांवड़ पदयात्रा का आज भोरमदेव धाम में अभूतपूर्व और भावपूर्ण समापन हुआ। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में 600 से अधिक कांवड़ियों ने माँ नर्मदा का पावन जल लेकर भगवान भोरमदेव का विधिवत जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति तथा जनकल्याण की कामना की। 10 अगस्त को शुरू हुई यह कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति, अटूट आस्था, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के एक अद्भुत संगम की गवाह बनी।

कठिनाइयों को दी मात, ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा कबीरधाम
यात्रा के अंतिम चरण में 16 अगस्त को बोड़ला से प्रस्थान कर कांवड़ियों का दल सुकवापारा, जैताटोला, खैरबना खुर्द, घोंघा और चौरा होते हुए भोरमदेव मंदिर पहुंचा। कठिन वनांचल मार्गों, पहाड़ी रास्तों, तेज बारिश और पैरों में पड़े छालों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
हाथ में राष्ट्रध्वज तिरंगा और कांवड़ थामे शिवभक्तों के स्वागत में भोरमदेव धाम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सड़क के दोनों ओर खड़े हजारों श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का जोरदार अभिनंदन किया, जिससे पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से सराबोर हो गया।
“आस्था और राष्ट्रभक्ति एक-दूसरे के पूरक”: विधायक भावना बोहरा
भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक के बाद विधायक भावना बोहरा ने इस यात्रा को अपने जीवन का अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय क्षण बताया। उन्होंने कहा:
“यह यात्रा केवल 151 किलोमीटर की दूरी तय करना नहीं, बल्कि माँ नर्मदा और भगवान भोलेनाथ के प्रति समर्पण और राष्ट्र गौरव का आध्यात्मिक संकल्प था। तिरंगा हमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का स्मरण कराता है, वहीं भगवा ध्वज हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है। भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद और शिवभक्तों के अपार स्नेह से यह पुण्य यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है।”
स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा, भंडारे में हजारों ने ग्रहण किया प्रसाद
यात्रा के दौरान 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधायक भावना बोहरा और कांवड़ियों ने ग्राम डोंगरिया स्थित शासकीय विद्यालय में ध्वजारोहण कर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। यात्रा के मार्ग में आने वाले पांडातराई, कुसुमघटा, नेऊरगांव कला और बोड़ला जैसे विभिन्न गांवों में ग्रामीणों ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया।
यात्रा के पूर्ण होने पर विधायक भावना बोहरा की ओर से भोरमदेव मंदिर परिसर में विशाल भंडारे और प्रसादी का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों की संख्या में आए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विधायक ने यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अमले का हृदय से आभार व्यक्त किया।
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