रेल मंत्री को लिखा पत्र : पूछा- चांपा-बालोद को मिला ‘अमृत’, फिर राजस्व देने वाले कोरबा से यह सौतेला व्यवहार क्यों ?
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरबा। देश को बिजली और भारतीय रेल को अरबों रुपये का भारी-भरकम राजस्व देने वाली ऊर्जा नगरी कोरबा आज भी रेलवे की घोर उपेक्षा का शिकार है। वर्षों पहले शुरू हुआ कोरबा रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण कार्य आज तक अधर में लटका हुआ है, जिसके कारण रोज़ाना हज़ारों यात्रियों को अव्यवस्था, धूल और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझना पड़ रहा है। इस बदहाली और भेदभाव पर कड़ा रुख अपनाते हुए कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित बिलासपुर मंडल के जीएम और डीआरएम को पत्र भेजकर रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

अमृत भारत योजना में भी अनदेखी, चांपा और बालोद चमके तो कोरबा क्यों पीछे ?
सांसद ज्योत्सना महंत ने अपने पत्र में रेलवे के दोहरा रवैये पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरोना, चांपा और बालोद रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत आधुनिक स्वरूप देकर चमका दिया है। लेकिन, सबसे ज़्यादा कमाई कराने वाले इस महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया:
“आखिर सबसे ज़्यादा राजस्व देने वाले कोरबा के यात्रियों के साथ यह पक्षपात और भेदभाव क्यों किया जा रहा है?”
यात्री सुविधाओं के नाम पर सिर्फ धूल और परेशानियां
सांसद ने स्टेशन की धरातली स्थिति बयां करते हुए कहा कि यहाँ से रोज़ाना हज़ारों लोग सफर करते हैं, लेकिन उन्हें सुविधाओं के नाम पर सिर्फ अव्यवस्था मिल रही है:
- प्रतीक्षालय का अभाव: यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
- पेयजल व स्वच्छता गायब: साफ पीने के पानी और सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
- पार्किंग व निर्माण की धीमी गति: अधूरा पड़ा निर्माण कार्य यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से जारी इस निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ देना क्षेत्र की जनता के साथ सरासर अन्याय है।

उच्चस्तरीय समीक्षा और समय-सीमा तय करने की माँग
सांसद ज्योत्सना महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री से माँग की है कि कोरबा रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण कार्य की तुरंत उच्चस्तरीय समीक्षा की जाए और एक निश्चित समय-सीमा तय करके निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए।
उन्होंने रेलवे प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि यदि राजस्व के गढ़ कोरबा की इसी तरह उपेक्षा जारी रही, तो इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि रेल मंत्रालय कोरबा की जनता की इस वर्षों पुरानी जायज माँग पर त्वरित और ठोस निर्णय लेगा।
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