नई पहल न्यूज नेटवर्क | सूरजपुर। स्कूली बच्चों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए तरसना पड़े, इससे बड़ी विडंबना क्या होगी? सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक से ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई थी, जहां शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतरा और शासकीय प्राथमिक शाला पण्डोपारा के बच्चे बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज थे। वजह थी स्कूलों में लगा पुराना हैंडपंप (बोर) धंस जाना। आलम यह था कि मिड-डे मील के बाद हाथ धोने से लेकर प्यास बुझाने तक के लिए मासूम बच्चों और शिक्षक-शिक्षिकाओं को तपती धूप में स्कूल परिसर से बाहर जाना पड़ता था। पढ़ाई के समय में बच्चों का इस तरह बाहर भटकना प्रबंधन के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया था।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा संभाला। ग्राम पंचायत के सरपंच आनंद सिंह आर्मो ने तुरंत इसकी जानकारी भाजपा अजजा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष व जनपद सदस्य प्रतिनिधि महेंद्र सिंह मार्को को दी। मार्को ने बिना वक्त गंवाए सीधे क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से संपर्क किया और उन्हें बच्चों की इस बड़ी परेशानी से रूबरू कराया।
कैबिनेट मंत्री ने भी मामले की संवेदनशीलता को समझा और तत्काल अधिकारियों को निर्देशित किया। नतीजा यह हुआ कि महज तीन दिनों के भीतर दोनों ही स्कूलों में नई बोरिंग कर हैंडपंप स्थापित कर दिए गए। अब स्कूलों में पेयजल की किल्लत पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इस त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई से गदगद होकर स्कूल के प्राचार्यों, हेडमास्टरों और पूरे स्टाफ ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महेंद्र सिंह मार्को और सरपंच आनंद सिंह आर्मो का दिल से आभार जताया है।
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