झगराखांड के होटल में जमीन पर बैठकर कार्यकर्ताओं संग नाश्ता, बोले – समोसे में आलू तो है, पर बिहार से लालू गायब !
नई पहल न्यूज नेटवर्क। झगराखांड। सत्ता की चमक-धमक और प्रोटोकॉल के शोर से दूर, शनिवार को कैबिनेट मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का एक अलग ही अंदाज़ देखने को मिला। मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के झगराखांड में मंत्री जी किसी ‘खास मेहमान’ की तरह नहीं, बल्कि एक ‘मिट्टी के नेता’ और क्षेत्र के ‘विधायक’ के रूप में नजर आए। काफिला रुका, सुरक्षाकर्मी ठिठके और मंत्री जी सीधे जा पहुंचे टैक्सी स्टैंड के पास स्थित राहुल होटल में, जहाँ उन्होंने आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं के साथ न केवल चाय-नाश्ता किया, बल्कि सियासी गलियारों में चर्चा बटोरने वाला एक मजेदार तंज भी कसा।
समोसा, चाय और वो ‘लालू’ वाला जोक
होटल में कार्यकर्ताओं के साथ समोसा, मिक्चर और चाय का आनंद लेते हुए श्यामबिहारी जायसवाल अपने पुराने मजाकिया अंदाज में दिखे। वहां मौजूद लोगों को गुदगुदाते हुए उन्होंने चुटकी ली और कहा—
पहले एक नारा बड़ा मशहूर था कि ‘जब तक समोसे में रहेगा आलू, तब तक बिहार में रहेगा लालू’। आज देख लीजिए, समोसे में आलू तो अब भी बरकरार है, लेकिन बिहार की राजनीति से लालू गायब हो गए हैं।” मंत्री के इस बेबाक और मजाकिया अंदाज ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और आम जनता को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
अपनों के बीच, विकास की बात
सिर्फ हंसी-मजाक ही नहीं, इस आत्मीय मुलाकात के दौरान मंत्री ने क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर चर्चा भी की। उन्होंने विधायक प्रतिनिधि उमेश जायसवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर झगराखांड की स्थानीय समस्याओं और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श किया। मंत्री ने रास्ते से गुजर रहे आम नागरिकों का हाल-चाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार और विधायक के तौर पर वे हमेशा उनके साथ खड़े हैं।
सादगी ने जीता जनता का दिल
अक्सर मंत्रियों का काफिला सायरन बजाते हुए निकल जाता है, लेकिन श्यामबिहारी जायसवाल का इस तरह अचानक रुककर एक छोटे से होटल में नाश्ता करना उनकी सादगी को दर्शाता है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंत्री बनने के बाद भी उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है, वे आज भी उसी सहजता से मिलते हैं जैसे चुनाव से पहले मिला करते थे।







