एमसीबी जिले में स्वास्थ्य क्रांति ! मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विजन से बदला हेल्थ सेक्टर मनेंद्रगढ़ में ‘मुफ्त डायलिसिस’ से 5000+ मरीजों को मिला जीवनदान
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (जीवनधारा) के तहत अब किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को महानगरों के महंगे चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन और सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के सटीक प्रबंधन ने जिला चिकित्सालय को जरूरतमंदों के लिए ‘उम्मीद का केंद्र’ बना दिया है।
आंकड़ों की जुबानी: ‘जीवनधारा’ की सफलता
01 अक्टूबर 2024 को शुरू हुई इस सेवा ने बेहद कम समय में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब तक कुल 5,210 डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं, जिनका वर्गीकरण इस प्रकार है:
- नेगेटिव केस: 3,503
- पॉजिटिव (सी): 1,474
- पॉजिटिव (बी): 232
घर के पास इलाज: समय और धन की बड़ी बचत
पहले जिले के मरीजों को डायलिसिस के लिए पड़ोसी जिलों या दूसरे राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश या ओडिशा) के चक्कर काटने पड़ते थे। इसमें न केवल भारी भरकम खर्च होता था, बल्कि मरीज की शारीरिक और मानसिक स्थिति भी बिगड़ जाती थी।
अब मनेंद्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय जिला अस्पताल में उच्च गुणवत्ता वाली निःशुल्क हेमोडायलिसिस सेवा उपलब्ध है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ शून्य हो गया है।



क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?
सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के अनुसार, डायलिसिस तब अनिवार्य हो जाता है जब किडनी अपनी कार्यक्षमता का 90% से अधिक हिस्सा खो देती है। उन्होंने बताया कि:
स्टेज-5 क्रोनिक किडनी रोग, अचानक किडनी फेल्योर, अनियंत्रित मधुमेह और हाई बीपी वाले मरीजों के लिए यह प्रक्रिया किसी जीवन रक्षक कवच से कम नहीं है। हम शरीर से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल को बाहर निकालकर मरीज को राहत प्रदान करते हैं।
वरदान साबित हो रही योजना
‘जीवनधारा’ कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि आम जनता के बीच सरकारी अस्पतालों के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। स्वास्थ्य मंत्री की इस दूरगामी सोच ने जिले के हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है।
मुख्य बातें एक नज़र में :
- पूरी तरह निःशुल्क: प्राइवेट अस्पतालों में हजारों का खर्च, यहाँ मुफ्त।
- अत्याधुनिक तकनीक: उच्च गुणवत्ता वाली हेमोडायलिसिस मशीनें।
- विशेषज्ञ टीम: प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में उपचार।




