विश्रामपुर थाने के सामने कांग्रेस का महाधरना, दीपक बैज करेंगे क्रमिक भूख हड़ताल, पुलिस के अड़ियल रवैये से गरमाई सियासत
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सूरजपुर/अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस प्रशासन के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन अब बेहद उग्र और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के दौरान हुए विवाद और कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन पर की गई आर्म्स एक्ट की कार्रवाई के विरोध में विश्रामपुर थाने के सामने कांग्रेसी डटे हुए हैं। इस बीच, छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रशासन को आर-पार की चेतावनी देते हुए एलान किया है कि यदि आज शाम 6:00 बजे तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे ‘आमरण अनशन’ पर बैठ जाएंगे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ‘क्रमिक भूख हड़ताल’ शुरू करेंगे।
सूर्यास्त के बाद भी जारी रहेगा उपवास’— टीएस सिंहदेव
धरना स्थल से सीधे प्रशासन को ललकारते हुए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा:
”मंगलवार को वैसे भी सूर्यास्त तक मेरा नियमित उपवास रहता है। लेकिन अगर आज शाम 6:00 बजे तक पुलिस प्रशासन ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी और हमारी जायज मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो मेरा यह उपवास वहीं से ‘आमरण अनशन’ में तब्दील हो जाएगा।”
थाने के सामने गुजरी रात, मोर्चे पर डटे रहे दिग्गज
यह सियासी घमासान सोमवार (25 मई) से जारी है, जब प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और सूरजपुर जिला कांग्रेस के तमाम पदाधिकारी विश्रामपुर थाने पहुंचे थे। पुलिस द्वारा कांग्रेस की मांगों को अनसुना किए जाने के बाद, सभी नेता थाने के सामने ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज खुद रात के 2:30 बजे तक धरना स्थल पर डटे रहे और आज सुबह 11:00 बजे से पुनः मोर्चा संभालकर बैठे हुए हैं।
क्या है पूरा विवाद ? (मामले की जड़)
- एकतरफा कार्रवाई का आरोप: शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के दौरान सूरजपुर जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के साथ एक विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर दी। कांग्रेस इस कार्रवाई को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग कर रही है।
- भाजपा नेताओं को संरक्षण का आरोप: कांग्रेस का सीधा आरोप है कि जिन भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने नरेंद्र जैन के घर जाकर विवाद और हंगामा किया, उनके खिलाफ बार-बार शिकायत और मांग के बावजूद पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है।
प्रशासन के छूटे पसीने, पूरे प्रदेश की नजरें विश्रामपुर पर
एक तरफ जहां प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ‘क्रमिक भूख हड़ताल’ के जरिए संगठन की ताकत दिखा रहे हैं, वहीं टीएस सिंहदेव जैसे कद्दावर नेता के ‘आमरण अनशन’ के एलान ने पुलिस और जिला प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। अब देखना होगा कि शाम 6:00 बजे की समयसीमा से पहले प्रशासन झुकता है या छत्तीसगढ़ की सियासत में कोई नया भूचाल आता है।
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