कोरिया जिला भाजपा की नई संगठनात्मक नियुक्ति से सियासी गलियारों में हलचल
कोरिया। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरिया के भीतर एक बेहद चौंकाने वाला और सियासी रूप से बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। जिला भाजपा द्वारा जारी ताजा संगठनात्मक नियुक्तियों में जिला सह कार्यालय मंत्री मनोज साहू को सोनहत मंडल का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह वही मनोज साहू हैं जिन्होंने कुछ समय पूर्व ‘सुशासन तिहार’ के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने खुले मंच से क्षेत्रीय विधायक रेणुका सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस झेलने वाले नेता को अब उसी क्षेत्र का सह-प्रभारी बनाकर संगठन ने क्षेत्र की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है।
खुली चौपाल में विधायक के खिलाफ खोला था मोर्चा

पूरा मामला ‘सुशासन तिहार’ के दौरान का है, जब छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोनहत ब्लॉक के दौरे पर आए हुए थे। उस दौरान आयोजित एक खुली चौपाल में भाजपा नेता मनोज साहू ने बेबाकी और आक्रामक अंदाज में मुख्यमंत्री के सामने मंच से यह शिकायत दर्ज कराई थी कि क्षेत्रीय विधायक रेणुका सिंह अपने ही क्षेत्र से लगातार नदारद (गायब) रहती हैं, जिससे जनता और कार्यकर्ताओं के काम प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के सामने लाइव चौपाल में अपनी ही पार्टी की कद्दावर विधायक की इस तीखी शिकायत ने पूरी प्रदेश भाजपा में हड़कंप मचा दिया था।
संगठन ने थमाया था ‘कारण बताओ नोटिस’
मुख्यमंत्री के सामने प्रोटोकॉल तोड़कर और सार्वजनिक रूप से विधायक के खिलाफ गुबार निकालने को भाजपा संगठन ने अनुशासनहीनता माना था। इस घटना के ठीक बाद पार्टी के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार खिंच गई थी और भाजपा जिला संगठन द्वारा मनोज साहू को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। तब राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा था कि मनोज साहू का राजनीतिक करियर अब ठंडे बस्ते में चला जाएगा, लेकिन अब जो फैसला आया है उसने सबको चौंका दिया है।
आधिकारिक पत्र की पुष्टि: तत्काल प्रभाव से लागू हुई नियुक्ति
18 जुलाई 2026 को भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी के हस्ताक्षरित पत्र के अनुसार, सांगठनिक फेरबदल करते हुए मनोज साहू (जिला सह कार्यालय मंत्री, भाजपा जिला-कोरिया) को तत्काल प्रभाव से ‘सह प्रभारी, मंडल सोनहत’ का अहम दायित्व सौंपा गया है। सबसे खास बात यह है कि इस नियुक्ति की प्रतिलिपि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंहदेव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय को भी सूचनार्थ भेजी गई है, जो यह दर्शाता है कि इस नियुक्ति को शीर्ष नेतृत्व की भी मौन स्वीकृति प्राप्त है।
सियासी मायने: जमीनी कार्यकर्ताओं को तवज्जो या विधायक के घटते कद का संकेत ?
राजनीतिक पंडितों के बीच इस नियुक्ति को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। जानकारों का कहना है कि जिस सोनहत क्षेत्र में विधायक रेणुका सिंह के खिलाफ मनोज साहू ने खुलकर नाराजगी जताई थी, उसी क्षेत्र में सह-प्रभारी के रूप में उनकी तैनाती के बड़े राजनीतिक मायने हैं:
- कार्यकर्ताओं की आवाज को तवज्जो: इसे एक तरफ धरातल पर सच बोलने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
- विधायक की घेराबंदी: दूसरी तरफ इसे क्षेत्रीय विधायक की कार्यशैली पर संगठन के एक परोक्ष संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि सोनहत मंडल के सह-प्रभारी के तौर पर मनोज साहू और विधायक रेणुका सिंह के बीच आने वाले दिनों में कैसा तालमेल देखने को मिलता है, या फिर यह विवाद छत्तीसगढ़ भाजपा की आंतरिक राजनीति को एक नया मोड़ देगा।
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