24 घंटे एक्शन मोड में छत्तीसगढ़ सरकार; 8 हजार अफसरों की फौज ने सिर्फ 30 दिनों में निपटाए 42 हजार से ज्यादा मामले
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधार और नागरिक सुविधाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव धरातल पर दिखने लगा है। राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी पहल “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076” अपने संचालन के पहले ही महीने में आम जनता के भरोसे का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरी है। “समस्या तुंहर, समाधान हमर” (समस्या आपकी, समाधान हमारा) के ध्येय वाक्य के साथ शुरू हुई यह व्यवस्था सुशासन को सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंचा रही है। आंकड़े गवाह हैं कि महज एक महीने (13 जुलाई 2026 तक) के भीतर ही इस हेल्पलाइन के जरिए 42,653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इसमें सबसे खास बात यह रही कि 13,600 शिकायतकर्ताओं ने समाधान से पूरी तरह संतुष्ट होकर खुद अपने प्रकरण बंद करवाए।
आखिर कैसे काम करता है यह पूरा सिस्टम ? समझिए स्टेप-बाय-स्टेप
यह हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह तकनीक और जवाबदेही पर आधारित एक मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क है। इसकी कार्यप्रणाली बेहद पारदर्शी है:
- स्टेप 1: चौबीसों घंटे चालू टोल-फ्री नंबर (1076): प्रदेश का कोई भी पीड़ित नागरिक दिन हो या रात, कभी भी 1076 पर कॉल कर सकता है। यह समर्पित कॉल सेंटर 24 घंटे और सातों दिन (24/7) पूरी मुस्तैदी से काम करता है, जहाँ पर्याप्त कर्मचारी तैनात हैं।
- स्टेप 2: सीधे जिम्मेदार टेबल पर पहुंचती है शिकायत: जैसे ही आप फोन पर अपनी समस्या बताते हैं, कंप्यूटर ऑपरेटर उसे डिजिटल पोर्टल पर दर्ज करता है। सॉफ्टवेयर के जरिए यह शिकायत बिना किसी देरी के सीधे उस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के पास पहुंच जाती है।
- स्टेप 3: 8 हजार अफसरों की सीधी जवाबदेही: निचले स्तर पर तैनात तहसीलदार से लेकर राज्य के शीर्ष स्तर पर बैठे सचिव तक, कुल मिलाकर 8,000 अधिकारी इस सॉफ्टवेयर से सीधे जुड़े हुए हैं। हर शिकायत के समाधान के लिए एक सख्त समय-सीमा (Time Limit) तय होती है, जिसके अंदर अफसर को काम करना ही पड़ता है।
- स्टेप 4: आपकी संतुष्टि के बाद ही बंद होगी फाइल: शिकायत सुलझने के बाद सिस्टम से दोबारा शिकायतकर्ता को फोन किया जाता है। जब तक नागरिक समाधान से पूरी तरह संतुष्ट होकर अपना सकारात्मक फीडबैक नहीं देता, तब तक उस मामले को बंद (Close) नहीं किया जाता।
भटकने का दौर खत्म, तकनीक से आ रही पारदर्शिता : विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस शानदार शुरुआत पर कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना ही सरकार की प्राथमिकता है।
हमारी सरकार ऐसा प्रशासन विकसित कर रही है, जहाँ नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालय-दर-कार्यालय न भटकना पड़े। अब केवल एक फोन कॉल से शिकायत दर्ज होती है, उसकी लगातार मॉनिटरिंग होती है और तय समय में समाधान मिलता है। आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ के अंतिम व्यक्ति तक त्वरित प्रशासनिक सेवाएं पहुंच सकें।
– विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
इन तीन विभागों में दिखा सबसे दमदार असर
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि शुरुआती महीने में आम जनता ने सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली, ग्रामीण विकास और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर कीं। समाधान देने में भी इन विभागों ने बाजी मारी है:
- ऊर्जा विभाग (बिजली से जुड़ी समस्याएं): 3,066 मामलों का निपटारा
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: 2,530 मामलों का निपटारा
- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन (जमीन-जायदाद): 1,314 मामलों का निपटारा
महज 30 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 ने यह साबित कर दिया है कि जब शासन संवेदनशीलता, तकनीक और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तब सुशासन का वास्तविक लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है। यह पहल आज विकसित छत्तीसगढ़ के जन-केंद्रित और उत्तरदायी शासन मॉडल की मजबूत पहचान बन चुकी है।
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