TI के निलंबन और आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाने के आश्वासन पर टूटा गतिरोध, प्रशासन ने नारियल पानी पिलाकर समाप्त कराया आंदोलन, बैज बोले- ‘आखिरकार सत्य की जीत हुई’
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सूरजपुर/विश्रामपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बीते तीन दिनों से जारी हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा और कांग्रेस का बड़ा आंदोलन आखिरकार बुधवार को समाप्त हो गया। विश्रामपुर थाने के सामने आमरण अनशन पर बैठे पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और क्रमिक भूख हड़ताल पर तैनात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।
सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन ने धरना स्थल पर पहुंचकर दोनों दिग्गज नेताओं को नारियल पानी पिलाया और अनशन तुड़वाया। कांग्रेस की मांग के अनुरूप पुलिस-प्रशासन ने आरोपी टीआई के खिलाफ कार्रवाई करने और कांग्रेस नेता पर दर्ज आर्म्स एक्ट की धाराओं को वापस लेने का ठोस भरोसा दिया है। आंदोलन की सफलता पर दीपक बैज ने हुंकार भरते हुए कहा, “आखिरकार न्याय और सत्य की जीत हुई है।” वहीं टीएस सिंहदेव ने इसे संघर्ष की राह में पहली बड़ी जीत बताया।

बंद कमरे से लेकर फोन कॉल तक… ऐसे बनी बात
मंगलवार रात से ही प्रशासन आंदोलन को खत्म कराने की जद्दोजहद में जुटा था, लेकिन सिंहदेव और बैज बिना ठोस कार्रवाई के हटने को तैयार नहीं थे। बुधवार सुबह हालात तब बदले जब धरनास्थल पर मौजूद एसडीएम और एएसपी ने फोन पर सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा और सूरजपुर एसपी प्रशांत कुमार ठाकुर से कांग्रेस नेताओं की सीधी बात कराई।
अधिकारियों द्वारा टीआई के निलंबन और आर्म्स एक्ट की वापसी का स्पष्ट आश्वासन मिलने के बाद ही सिंहदेव ने आंदोलन स्थगित करने की अनुमति दी।
“न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की राह में पहली मांग पूरी हुई है। जनता के हक और स्वाभिमान की इस लड़ाई में हम आगे भी लगातार बढ़ते रहेंगे।”
— टीएस सिंहदेव, पूर्व डिप्टी सीएम
भूपेश बघेल के तीखे तेवर: “थानेदार का नाम याद रखा जाएगा, सरकारें आती-जाती रहती हैं”
इस आंदोलन में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए थे। शिवनंदनपुर नगर पंचायत की चुनावी रैली में बघेल ने पुलिस प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी थी। उन्होंने मंच से गरजते हुए कहा था:
- “चुनाव को प्रभावित करने के लिए हमारे जिला उपाध्यक्ष पर फर्जी मामला दर्ज किया गया।”
- “कांग्रेस के लोग चूड़ी पहनकर नहीं बैठे हैं। इस थानेदार का नाम हमेशा याद रखा जाएगा।”
- “एसपी और आईजी भी समझ लें, सरकारें आती-जाती रहती हैं। किसी दिन हमारी भी सरकार आएगी। अगर मामला जानकारी में है तो वक्त रहते सुधार लें।”
दबाव में आया प्रशासन: दूसरे पक्ष पर भी दर्ज हुई FIR
कांग्रेस के इस चौतरफा दबाव का असर यह हुआ कि विश्रामपुर पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में से एक मांग को पूरा करते हुए पुलिस ने मंगलवार देर शाम नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन के आवेदन पर दूसरे पक्ष के दो आरोपियों के खिलाफ धारा 296 और 351 (3) के तहत काउंटर एफआईआर दर्ज कर ली है।
तपती धूप से लेकर काली रात तक… डटे रहे कांग्रेसी
यह आंदोलन छत्तीसगढ़ कांग्रेस की एकजुटता का गवाह बना। एक तरफ जहां दीपक बैज, टीएस सिंहदेव, पूर्व विधायक गुलाब कमरो और पारस राजवाड़े तपती धूप में मोर्चे पर डटे रहे, वहीं रात के अंधेरे में भी आंदोलन की आंच ठंडी नहीं हुई। रातभर अनशन स्थल पर एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव और सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता डटे रहे। बुधवार सुबह डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर सिंहदेव का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया था।
क्या था पूरा विवाद? (क्रोनोलॉजी से समझें)
- शनिवार: भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के प्रतिष्ठान पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने चुनाव परिणाम को लेकर नरेंद्र जैन को उकसाया और सत्ता की धौंस दिखाते हुए झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
- शनिवार देर रात: भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने आनन-फानन में नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोप लगाया गया कि जैन ने मित्तल पांडेय पर कटार तानी थी, हालांकि पुलिस वह ‘कटार’ बरामद नहीं कर सकी।
- सोमवार: इस ‘एकतरफा’ कार्रवाई के विरोध में दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस ने विश्रामपुर थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू किया।
- मंगलवार: मामले ने तूल पकड़ा और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठ गए।
- बुधवार: प्रशासन के घुटने टेकने और मांगें मानने के बाद आंदोलन का पटाक्षेप हुआ।
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