मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में अहम निर्णय, नवा रायपुर बनेगा देश का नया ‘एजुकेशन हब’, आईटी सेक्टर को भी मिली रफ्तार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए। आज के निर्णयों का सबसे बड़ा केंद्र ‘स्वास्थ्य और शिक्षा’ रहा। सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने और नवा रायपुर को वैश्विक शैक्षणिक पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति: घर के पास मिलेगी गुणवत्तापूर्ण लैब सुविधा
प्रदेशवासियों को अब बड़ी जाँचों के लिए निजी अस्पतालों या बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कैबिनेट ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को ‘नेक्स्ट लेवल’ पर ले जाने के लिए बड़ा फैसला लिया है:
- नेटवर्क का विस्तार: जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तक लैब सुविधाओं का प्रभावी संचालन किया जाएगा।
- संसाधनों का सुदृढ़ीकरण: सरकारी अस्पतालों में वर्तमान मशीनरी को अपग्रेड किया जाएगा ताकि निर्धारित मानकों के अनुसार जाँच की संख्या बढ़ाई जा सके।
- गुणवत्ता का भरोसा: कैबिनेट ने सुनिश्चित किया है कि हर ग्रामीण और शहरी नागरिक को उनके क्षेत्र में ही सटीक और उच्च स्तरीय पैथोलॉजी रिपोर्ट प्राप्त हो।
नवा रायपुर बनेगा ‘एजुकेशन हब’: नरसी मोंजी (NMIMS) की होगी स्थापना
शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने आज एक बड़ी छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर के सेक्टर-18 में देश के प्रतिष्ठित संस्थान श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को 40 एकड़ जमीन आवंटित करने की स्वीकृति दे दी है।
- 90 साल की लीज: यहाँ विख्यात नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) स्थापित होगा।
- राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा: NIRF रैंकिंग में 52वें स्थान पर काबिज यह संस्था छत्तीसगढ़ के छात्रों को प्री-प्राइमरी से लेकर पीएचडी तक विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करेगी।
- फायदा: इससे राज्य के युवाओं को प्रबंधन और आधुनिक शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आईटी और स्टार्टअप्स को पंख: STPI के साथ बड़ा एमओयू
नवा रायपुर में तकनीकी क्रांति लाने के लिए सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ हाथ मिलाया है:



- 04 नए उद्यमिता केंद्र: एआई (AI), मेडटेक (हर्बल और वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री पर आधारित सेंटर खुलेंगे।
- 133 स्टार्टअप्स को सहारा: अगले 3 से 5 वर्षों में 133 डोमेन-विशेष स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा।
- हार्डवेयर निर्माण: इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ESDD) केंद्र की स्थापना होगी, जो प्रति वर्ष 40 से अधिक एमएसएमई और हार्डवेयर स्टार्टअप्स की मदद करेगा।
आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी
बैठक में मंत्रिपरिषद ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया है। इसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
“हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। आज के निर्णय राज्य के भविष्य को संवारने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
कैबिनेट बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ‘अंत्योदय’ के संकल्प को पूरा कर रही है। आज कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए जो निर्णय लिया है, वह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अब दूरस्थ वनांचल के गाँवों में रहने वाले व्यक्ति को भी वही उच्च स्तरीय जाँच सुविधा मिलेगी, जो बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में मिलती है।”
मंत्री जायसवाल ने आगे कहा— “हम जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक की लैब को आधुनिक मशीनों और पर्याप्त संसाधनों से लैस कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि समय पर और सटीक जाँच के माध्यम से बीमारी को शुरू में ही पकड़ना है। गुणवत्तापूर्ण जाँच अब हर नागरिक का अधिकार होगी और इसके लिए बजट या संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।”




